राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, अंबिकापुर : कृषि मंत्री एवं रामविचार नेताम ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति जवाबदेही को लेकर नसीहत दी है। उनका संदेश इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। मंत्री ने ‘पाल के लाल रामविचार नेताम’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा कि संगठन में मिला पद केवल व्यक्तिगत काम निकलवाने का जरिया नहीं है। यह व्हाटसप ग्रुप मंत्री के गृहक्षेत्र से जुड़े पार्टी पदाधिकारी और उनके समर्थकों का है। मंत्री नेताम ने संदेश में लिखा, मेरी पार्टी के कुछ तथाकथित नेताओं से विनम्र निवेदन है कि भाजपा के पद केवल विभागों में अपने बिल पास करवाने, सिफारिशें कराने और फोटो खिंचवाने के लिए नहीं होते। संगठन जब आलोचनाओं के बीच खड़ा हो, और विचारधारा पर प्रहार हो रहे हों, तब भी कभी दो शब्द संगठन के पक्ष में बोल लिया करो। पद का सम्मान केवल लेटरपैड और नामपट्टिका से नहीं बढ़ता, बल्कि कठिन समय में संगठन के साथ खड़े होने से बढ़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद मिलने के साथ कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। जब संगठन पर सवाल उठें तो पदाधिकारियों को सामने आकर संगठन का पक्ष रखना चाहिए।मंत्री का यह संदेश सामने आते ही भाजपा संगठन के भीतर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे पदाधिकारियों को सक्रिय करने और अनुशासन बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों से पहले मंत्री का यह बयान कार्यकर्ताओं को धरातल पर उतारने का संकेत है।संदेश में किसी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन इसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं।

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