राष्ट्रवाणी: रायपुर. केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने एक्स पर वीडियो जारी किया है. बैज ने कहा कि यह नैतिकता के आधार पर नहीं मजबूरी में दिया इस्तीफा है. युवाओं की एकजुट आवाज, लोकतांत्रिक संघर्ष और राहुल गांधी के लगातार समर्थन ने सत्ता को जवाबदेह बनने पर मजबूर कर दिया. यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने वीडियो में लिखा कि यह नैतिकता के आधार पर नहीं मजबूरी में दिया इस्तीफा है. और वो इसलिए क्योंकि दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई शहरों में प्रदर्शन चल रहा है. सरकार ने बात तक नहीं की, उलटा छात्रों पर बर्बर्तापूर्वक लाठीचार्ज किया गया. यह इस्तीफा इसलिए दिया गया क्योंकि प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में आ गई. देश के युवाओं ने प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया था. प्रधानमंत्री ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है. लेकिन उनपर जो कार्रवाई हुई, उसको सदियों तक याद रखा जाएगा. सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा।युवाओं की एकजुट आवाज़, लोकतांत्रिक संघर्ष और श्री राहुल गांधी जी के लगातार समर्थन ने सत्ता को जवाबदेह बनने पर मजबूर कर दिया।यह सिर्फ़ एक इस्तीफ़ा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत है। pic.twitter.com/ZYXrM4ZHzU
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