राष्ट्रवाणी: धमतरी (छत्तीसगढ़), 24 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के सभी चर्चों ने अपने परिसरों में प्रार्थना के लिए केवल ईसाई समुदाय के लोगों को प्रवेश देने संबंधी पोस्टर लगाए हैं। पोस्टर में कहा गया है कि अपनी इच्छा से प्रवेश करने वाले गैर-ईसाई लोग अपने कार्यों के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
यह कदम जिले में हाल में धर्म परिवर्तन के आरोपों और धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के अंतिम संस्कार को लेकर हुए विवादों के बाद उठाया गया है। शहर के आठ चर्चों में ऐसे नोटिस लगाए गए हैं। धमतरी जिला ईसाई फोरम ने जिले के अन्य हिस्सों में भी चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों के बाहर ऐसे निर्देश लगाने को कहा है।
धमतरी के 116 साल पुराने सुंदरगंज मेनोनाइट चर्च में लगाए गए नोटिस में कहा गया है कि चर्च प्रबंधन के नियमों के अनुसार पूजा के लिए चर्च भवन में केवल ईसाइयों को ही प्रवेश की अनुमति है। धमतरी जिला ईसाई फोरम के महासचिव डॉ. डायमंड फिलस ने बृहस्पतिवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि ये नोटिस समुदाय के लोगों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इसका निर्णय इसी महीने की शुरुआत में लिया गया था, लेकिन 15 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट में हिंदू संगठनों, सर्व आदिवासी समाज और ईसाई फोरम के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद इसे लागू किया गया। फिलस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ अधिकारी संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं और कुछ खास समूहों का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बैठक में हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने चर्चों में गैर-ईसाइयों के प्रवेश का मुद्दा उठाया था और कहा था कि जिन लोगों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है, उन्हें चर्चों में आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अतीत में धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर प्रार्थना सभाओं के दौरान हंगामे की घटनाओं के बाद समुदाय ने सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है।
ईसाई फोरम के अनुसार, 15 सितंबर की बैठक एक हजार से अधिक लोगों द्वारा जिला कलेक्ट्रेट में स्व-घोषणा पत्र जमा किए जाने के बाद बुलाई गई थी। इन घोषणापत्रों में लोगों ने अपनी इच्छा और जिम्मेदारी पर चर्च या प्रार्थना सभाओं में शामिल होने की बात कही थी। इस मामले पर धमतरी की अतिरिक्त कलेक्टर इंदिरा सिंह देहारी ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि मामला सुलझा लिया गया है, लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।
