राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर। जनपद पंचायत रामानुजनगर, जिला सूरजपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर एक ही समय में दो अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने कमिश्नर द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
इसी आदेश के तहत प्रतिवादी को जनपद पंचायत रामानुजनगर का सीईओ पदस्थ किया गया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई तक रामानुजनगर में कार्य करते रहने की अनुमति दी है। याचिकाकर्ता आर.एस. सेंगर की ओर से अधिवक्ता सतीश गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 30 जून 2026 को जारी आदेश के माध्यम से उनका तबादला अंबिकापुर से जनपद पंचायत रामानुजनगर के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर किया था।
इसके बाद उन्हें अंबिकापुर से कार्यमुक्त कर दिया गया और उन्होंने 17 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत रामानुजनगर में कार्यभार ग्रहण कर लिया। हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद अब अगली सुनवाई तक आर.एस. सेंगर ही जनपद पंचायत रामानुजनगर के प्रभारी सीईओ के पद पर बने रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट अंतिम निर्णय लेगा।

