नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले से जुड़ी धनशोधन के मामले की जांच के सिलसिले में राज्य में कांग्रेस पार्टी के एक कार्यालय के अलावा उसके विधायक कवासी लखमा की कुल 6.15 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि इन संपत्तियों को कुर्क करने का अनंतिम आदेश धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में लखमा, उनके बेटे हरीश लखमा और सुकमा जिले में कांग्रेस कार्यालय भवन की संपत्तियां शामिल हैं.

संघीय एजेंसी ने दिसंबर 2024 में रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में लखमा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी. कवासी लखमा को ईडी ने गिरफ्तार भी किया था. लखमा (72) कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके हैं. हरीश लखमा सुकमा में पंचायत अध्यक्ष हैं.

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छत्तीसगढ़ शराब ”घोटाले” के परिणामस्वरूप राज्य के कोष को ”भारी नुकसान” हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों ने इस अपराध से 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की. इसमें आरोप लगाया गया है कि अवैध शराब व्यापार से अर्जित आय का उपयोग सुकमा में कांग्रेस कार्यालय बनाने में किया गया

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