मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही और दोनों मानक सूचकांक नीचे आ गए. बीएसई सेंसेक्स जहां 83 अंक के नुकसान में रहा, वहीं एनएसई निफ्टी 19 अंक नीचे आया. ईरान-इजराइल के बीच जारी संघर्ष के बीच वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के साथ घरेलू बाजार में गिरावट आई. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर को यथावत रखने के निर्णय से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई.

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 82.79 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,361.87 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, यह ऊंचे में 81,583.94 अंक तक गया और नीचे में 81,191.04 अंक तक आया. बीएसई के 3,018 शेयर नुकसान में जबकि 959 बढ़त में रहे. वहीं 140 शेयर के भाव अपरिर्वितत रहे.

पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 18.80 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,793.25 अंक पर बंद हुआ.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर सूचकांक में नकारात्मक रुख के साथ सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव रहा. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में अमेरिका की संभावित भागीदारी को लेकर चिंताओं के कारण दुनियाभर में निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर को यथावत रखने से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई.

मुद्रास्फीति के लगातार ऊंचा होने और धीमी आर्थिक वृद्धि के संकेत का असर सॉफ्टवेयर निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा.” सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, नेस्ले और टाटा स्टील प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं. दूसरी तरफ महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, लार्सन एंड टुब्रो, भारती एयरटेल और मारुति के शेयर लाभ में रहे.

छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 1.77 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप 1.64 प्रतिशत के नुकसान में रहा. एशियाई बाजारों में, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ.

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था. अमेरिकी बाजार बुधवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों की साप्ताहिक समाप्ति के दिन बाजार में सुस्ती रही और बाजार मिले-जुले संकेतों के बीच लगभग स्थिर रहा. उम्मीद के अनुरूप अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर के मोर्चे पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय कोई महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया प्राप्त करने में विफल रहा.” वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.26 प्रतिशत बढ़कर 76.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 890.93 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,091.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 138.64 अंक के नुकसान में रहा था जबकि एनएसई निफ्टी में 41.35 अंक की गिरावट आई थी.

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