राष्ट्रवाणी: अदाणी पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए, जिसमें शुद्ध लाभ 17% बढ़कर …और पढ़ें Q2 FY27 में शुद्ध लाभ 17% बढ़कर ₹3,622 करोड़ ऑपरेशंस से राजस्व 24% बढ़कर ₹11,340 करोड़ हुआ कंपनी ने FY27 के लिए राजस्व और EBITDA गाइडेंस बढ़ाया बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर, ‘अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन’ ने बुधवार को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए। नतीजों में कंपनी ने 3,622 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी अवधि के 3,109 करोड़ रुपये के मुनाफे से 17% अधिक है।कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 11,340 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 9,167 करोड़ रुपये से 24% ज्यादा है।
जुलाई-सितंबर तिमाही में, अदाणी पोर्ट्स के घरेलू पोर्ट रेवेन्यू में 13% की वृद्धि हुई, और इसका EBITDA मार्जिन 72.5% रहा। इंटरनेशनल पोर्ट रेवेन्यू में 71% की बढ़ोतरी हुई, जबकि EBITDA 3.4 गुना बढ़ गया और इसका मार्जिन रिकॉर्ड 47.7% तक पहुंच गया।लॉजिस्टिक्स रेवेन्यू में 21% की वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण कंपनी के इंटीग्रेटेड “शोर-टू-डोर” (बंदरगाह से दरवाजे तक) नेटवर्क का विस्तार था।
मरीन रेवेन्यू में सालाना आधार पर 57% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें ग्लोबल फ्लीट (जहाजों के बेड़े) के विस्तार और कंपनी के ‘सबसी’ (समुद्र के नीचे की) सेवाओं में प्रवेश का बड़ा योगदान रहा। ‘अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन’ ने अपने ‘एम्बिशन 2031’ लक्ष्यों की दिशा में तेजी लाते हुए, अपने कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) गाइडेंस को भी 3,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 15,000-17,000 करोड़ रुपये कर दिया है।
अदाणी पोर्ट्स की मजबूत बैलेंस शीट इसके डेवलपमेंट प्लान्स को सहारा देती है। पहली छमाही में 13,327 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो प्राप्त हुआ, जिससे 10,521 करोड़ रुपये के निवेश को फंड किया गया। पिछले दो वर्षों में 30,346 करोड़ रुपये के कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के बावजूद, नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 1.8x रहा, जबकि कैश बैलेंस 12,502 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर बना रहा।

