नयी दिल्ली: दक्षिणी राज्यों में परिसीमन का विरोध कर रहे द्रमुक सदस्यों के इस मुद्दे पर नारे लिखी हुई टी-शर्ट पहन कर सदन में आने के कारण बृहस्पतिवार को भोजनावकाश से पहले राज्यसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई।

पूर्वाह्न 11 बजे सभापति जगदीप धनखड़ ने उच्च सदन की बैठक आरंभ होने के कुछ ही देर बाद, कोई कारण बताए बिना दोपहर 12 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी थी। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद सदन की बैठक 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘मैं आज पूर्वाह्न 11.30 बजे अपने कक्ष में सदन के नेताओं की बैठक बुलाऊंगा। मैंने कुछ समय पहले इस सभा में जो कुछ देखा है, मैं सदस्यों को बताऊंगा।’’

जब सभापति ने यह कहा तब सदन में किसी प्रकार का न तो कोई व्यवधान था और न ही किसी प्रकार का कोई हंगामा हो रहा था। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे बैठक शुरू होने पर उप सभापति हरिवंश ने कोई कारण बताए बिना बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। पंद्रह मिनट बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू होने पर उन्होंने बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इस बार भी उन्होंने कोई कारण नहीं बताया। सूत्रों ने बताया कि द्रमुक सदस्यों के नारे लिखी टी-शर्ट पहन कर आने पर सभापति धनखड़ ने आपत्ति जताई। उन्होंने सदस्यों को सदन में नारे लिखी टी-शर्ट नहीं पहन कर आने को कहा।

हालांकि द्रमुक सदस्य अपनी बात पर अड़े रहे और नारे लिखी टी-शर्ट पहन कर ही सदन में गए जिसके चलते कार्यवाही बार बार बाधित हुई। सदस्यों की टी-शर्ट पर ‘फेयर डीलिमिटेशन (निष्पक्ष परिसीमन)’ और ‘तमिलनाडु विल फाइट, तमिलनाडु विल विन (तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा)’ के नारे लिखे थे। द्रमुक के एक सदस्य ने बताया कि धनखड़ सदस्यों से सदन में नारे लिखी टी-शर्ट नहीं पहन कर आने पर जोर दे रहे हैं।

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