राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): प्रतिनिधि, रायपुर : रेलवे के तमाम दावों के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी और लचर संचालन व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ट्रेनों के समय पर न चलने से आम यात्रियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत की यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और समय पालन के दावों की पोल खुल गई। कोरबा सांसद रायपुर स्टेशन से पेंड्रारोड जाने के लिए पहुंची थीं। दोपहर 12:50 बजे वाली दुर्ग-उधमपुर सुपरफास्ट ट्रेन से उन्हें जाना था।
सांसद ज्योत्सना तय समय से थोड़ा पहले 12:45 बजे ही प्लेटफार्म क्रमांक 5/6 पर पहुंच गई थीं। लेकिन वहां भारी भीड़ के कारण उनके बैठने के लिए एक भी कुर्सी उपलब्ध नहीं थी। ट्रेन निर्धारित समय से आधे घंटे की देरी से दोपहर 1:21 बजे स्टेशन पर आई।
इस बीच काफी देर तक सांसद को प्लेटफार्म पर ही खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद किसी ने पास के फूड स्टाल वाले वेंडर से कुर्सी मंगवाकर उनके बैठने की व्यवस्था की। रायपुर से बिलासुपर की दूरी 110 किमी है।
दो घंटे के रास्ता है यहां पहुंचने में भी तीन से चार घंटे तक समय लग रहा है। यात्री अजय कौशिक ने बताया कि उसने रायपुर स्टेशन से दोपहर 2.50 बजे बिलासपुर जाने के लिए डोंगरगढ़ बिलासपुर के लिए टिकट लिया। ट्रेन 56 मिनट लेट यानी 3.56 बजे से पहुंची।
वहीं बिलासपुर पहुंचते तक शाम 7.34 बज गए, जबकि इस गाड़ी के बिलासपुर आने का समय 5.45 बजे है। इस यात्रा में करीब साढ़े चार घंटे बर्बाद हो गए।

