नयी दिल्ली. चेन्नई की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत ने रोहिंग्याओं की तस्करी करने वाले एक गिरोह से जुड़े होने के आरोप में मंगलवार को दो बांग्लादेशी नागरिकों को दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के नागरिक शहाबुद्दीन हुसैन उर्फ मोहम्मद साहब उद्दीन और मुन्ना उर्फ नूर करीम उर्फ नूर करीम को दोषी ठहराते हुए एनआईए अदालत ने 11,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

अधिकारियों ने बताया कि वे चेन्नई में नवंबर 2023 में दर्ज एक मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में शामिल थे. एजेंसी ने इन दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था और तीसरे आरोपी बाबू एस.के. उर्फ बाबू शोरीफुल उर्फ एम डी सोरीफुल बाबूमिया के खिलाफ भी मुकदमा जारी है.

एक बयान में एनआईए ने कहा कि बांग्लादेश के चटगांव जिले के निवासी शहाबुद्दीन और मुन्ना तस्करों और दलालों की मदद से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे. एनआईए ने कहा, ”बाबू के साथ, दोनों आरोपी भारत में रोहिंग्या और बांग्लादेशी मूल के लोगों की मानव तस्करी में संलिप्त थे.”

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