नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश बी आर गवई ने सोमवार को भीमराव अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संविधान निर्माण के लिए राष्ट्र सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने देश को एकजुट रखने का श्रेय आंबेडकर की विचारधारा और दूरर्दिशता को दिया।

न्यायमूर्ति गवई ने उच्चतम न्यायालय परिसर में कहा, ‘‘राष्ट्र सदैव डॉ. आंबेडकर का कृतज्ञ रहेगा, क्योंकि उनके और उनके सहयोगियों ने संविधान तैयार किया। भारत मजबूत है, प्रगति कर रहा है और दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाले देशों में से एक है। यह उनका दर्शन, विचारधारा और दूरदृष्टि ही है जो हमें एकजुट और मजबूत बनाए हुए है।’’

आंबेडकर को समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को सशक्त बनाने के लिए उनके संघर्ष तथा संविधान का मसौदा तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। वर्ष 1891 में एक दलित परिवार में जन्मे आंबेडकर एक प्रतिभाशाली छात्र थे जिन्होंने विदेश में अध्ययन किया। वह भारत के पहले कानून मंत्री थे। 1956 में उनका निधन हो गया।

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