गढ़वा/बदायूं. झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस ने 20 वर्षीय एक महिला को शादी के करीब एक महीने बाद अपने पति को जहर देकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि महिला को उसकी सास की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया जहां से मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि यह घटना रविवार शाम को रंका पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बहोकुदर गांव में घटी. अधिकारी ने बताया कि मृतक बुधनाथ सिंह की शादी 11 मई को सुनीता से हुई थी.
रंका के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) रोहित रंजन सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”सुनीता सिंह ने रविवार शाम को अपने पति के खाने में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिला दिया और उसी दिन उनकी मौत हो गई. जहर का पता लगाने के लिए मृतक के बिसरा को सुरक्षित रखा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जहर किस तरह का था.” एसडीपीओ के अनुसार पुलिस को बताया गया है कि नवविवाहित जोड़े के बीच संबंध तनावपूर्ण थे. उन्होंने बताया कि सुनीता ने शुरू में अपनी सास पर अपने बेटे को जहर देने का आरोप लगाया था. रंजन सिंह ने बताया, ”बाद में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया और उसे विधिक कार्रवाई के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया गया.”
दुल्हन, प्रेमी संग भागी; दूल्हे ने राहत की सांस ली
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक नवविवाहिता अपनी शादी के कुछ ही दिनों बाद अपने प्रेमी के साथ भाग गई. घटना के बाद उसके पति ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि शुक्र है उसका ‘राजा रघुवंशी जैसा हश्र’ नहीं हुआ. 20 वर्षीय युवती की शादी बिसौली थाना क्षेत्र के मौसमपुर गांव निवासी सुनील (23) से 17 मई को हुई थी. शादी के बाद नौ दिन ससुराल में रहने के बाद वह अपने मायके चली गई. लेकिन वापस लौटने के बजाय वह 10 दिन बाद अपने कथित प्रेमी (22) के साथ भाग गई. सुनील ने हाल ही में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है.
बताया जाता है कि सोमवार को दुल्हन ने थाने में जाकर अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के सामने कहा, “मैं अब अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती हूं.” स्थानीय बिसौली पुलिस के अधिकारियों ने दोनों परिवारों के बीच समझौता कराया और आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया. शादी के दौरान उपहार में दिए गए आभूषण और घरेलू सामान वापस कर दिया गया. एक अधिकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की.
पत्रकारों से बात करते हुए सुनील ने बताया, “मैंने उसे हनीमून के लिए नैनीताल ले जाने की योजना बनाई थी. लेकिन अगर वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है, तो मुझे खुशी होगी. कम से कम मुझे इस बात की खुशी है कि मेरा हाल राजा रघुवंशी जैसा नहीं हुआ. अब हम तीनों खुश हैं – उसे प्यार मिल गया है और मेरी जिंदगी बर्बाद नहीं हुई.” थाने में मौजूद दूल्हे की भाभी राधा ने कहा, “वह हमारे साथ सिफ.र् आठ दिन ही रही. उसके जाने के बाद, वह उसी गांव के अपने प्रेमी के साथ भाग गई. हमने सिफ.र् अपने उपहार वापस मांगे, और अब मामला सुलझ गया है.” बिसौली थाना प्रभारी (एसएचओ) हरेंद्र सिंह ने समझौते की पुष्टि की और कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है.
सिंह ने कहा,”दुल्हन ने ज.ोर देकर कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है. सभी सामान का आदान-प्रदान और दस्तावेज. तैयार होने के बाद, वह उसके साथ थाने से चली गई. दूल्हे का परिवार घर लौट आया. आगे कोई कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध नहीं किया गया है.” इंदौर के एक व्यवसायी राजा रघुवंशी की 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी. उसकी पत्नी सोनम, उसके कथित प्रेमी और तीन भाड़े के हत्यारों को बाद में हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
