बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर बिलासपुर SSP रजनेश सिंह ने सख्ती दिखाई है। रतनपुर थाने में पदस्थ दो आरक्षकों को SSP ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित आरक्षकों के नाम संजय खाण्डे और सुदर्शन मरकाम हैं।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरक्षक हाल ही में रतनपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब की सूचना पर बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी को बताए रेड करने पहुंचे थे। उन्होंने मौके से अवैध शराब तो बरामद की, लेकिन उसकी वैधानिक जब्ती और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की। यही नहीं, आरोप है कि दोनों आरक्षकों ने मौके पर ही लेन-देन कर मामला दबाने की कोशिश की।

SSP ने दिखाई सख्ती
मामले की जानकारी मिलने के बाद SSP रजनेश सिंह ने तुरंत दोनों आरक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। SSP ने कहा कि पुलिसकर्मियों से इस तरह की अनुशासनहीनता और संदेहास्पद गतिविधि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस पूरे प्रकरण की जांच कोटा SDOP को सौंपी गई है। SDOP को सात दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि दोनों आरक्षक अवैध शराब माफिया से मिले हुए तो नहीं थे और क्या इस मामले में अन्य किसी कर्मचारी की संलिप्तता है।

लगातार बढ़ रही शिकायतें
पुलिस सूत्र बताते हैं कि रतनपुर और आसपास के इलाकों में अवैध शराब की बिक्री लंबे समय से होती रही है। कई बार पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से यह धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी ही शराब कारोबारियों से सांठगांठ करके उन्हें संरक्षण देते हैं। इस घटना ने उन आशंकाओं को और पुख्ता कर दिया है।

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