अल ऐन. भारत की युवा शटलर श्रेयांशी वालीशेट्टी ने रविवार को यहां तीन गेम तक चले रोमांचक फाइनल में हमवतन तस्नीम मीर को हराकर 120,000 डॉलर इनामी राशि के अल ऐन मास्टर्स में महिला एकल वर्ग का अपना पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 खिताब जीता.
पुलेला गोपीचंद अकादमी में ट्रेनिंग लेने वाली तेलंगाना की 18 वर्षीय खिलाड़ी श्रेयांशी ने एक गेम से पिछड़ने के बाद शानदार संयम दिखाया और 49 मिनट तक चले फाइनल मुकाबले में 15-21, 22-20, 21-7 से जीत हासिल की.

हरिहरन अम्साकरुनन और एम आर अर्जुन की जोड़ी ने 35 मिनट तक चले पुरुष युगल फाइनल में इंडोनेशिया के रेमंड इंद्र और निकोलस जोआक्विन को 21-17, 21-18 से हराकर खिताब अपने नाम किया. श्रेयांशी ने यूएई बैडमिंटन महासंघ से कहा, ”आज का दिन मुश्किल था. मैंने धीमी शुरुआत की. मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी क्योंकि मैं इस साल फाइनल में कई मैच हार गई. मैं नर्वस नहीं थी, लेकिन मैच से पहले बहुत ज्यादा उत्साहित होने से गलतियां कर बैठती हूं. लेकिन मैंने आज मैच में शांत रहने की कोशिश की. ” उन्होंने कहा, ”2013 से मैं गोपीचंद अकादमी में ट्रेनिंग ले रही हूं. हम पीवी सिंधु सहित सीनियर खिलाड़ियों को अकादमी में ट्रेनिंग लेते हुए देखते हैं. मुझे सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए एक साल हो गया है. अब मेरा लक्ष्य अपनी रैंकिंग में सुधार करना है. ” शुरुआती गेम में श्रेयांशी ने चार अंक की ब­ढ़त गंवा दी जबकि तस्नीम ने 14-9 की ब­ढ़त हासिल करने के बाद पहला गेम अपने नाम कर लिया.

दूसरा गेम कांटे की टक्कर में बदल गया. श्रेयांशी ने 1-4 से वापसी करते हुए 17-14 की ब­ढ़त बना ली. तस्नीम ने मुकाबले में बने रहने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन श्रेयांशी ने अपना धैर्य बनाए रखा और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गईं. इसी लय को जारी रखते हुए श्रेयांशी ने तीसरे गेम में ब­ढ़त बना ली. तस्नीम ने कुछ देर के लिए 6-5 की ब­ढ़त बना ली थी लेकिन इसके बाद वह पिछड़ गईं और श्रेयांशी ने 15 अंक की ब­ढ़त बनाकर शानदार अंदाज में खिताब अपने नाम कर लिया.



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