राष्ट्रवाणी: रायपुर: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए जतन केंद्र उम्मीद और संबल का केंद्र बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले में वर्ष 2016 को शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 27,088 बच्चों का परीक्षण, मूल्यांकन और उपचार किया जा चुका है। वहीं अप्रैल से अगस्त 2026 तक 5,397 बच्चों को विभिन्न सेवाओं का लाभ मिला है।
जतन की खासियत इसका बच्चों के अनुकूल माहौल है। केंद्र को प्ले स्कूल जैसे सहज और खुशनुमा वातावरण में तैयार किया गया है, ताकि बच्चे अस्पताल के डर या तनाव के बिना उपचार करा सकें। यहां आने वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
केंद्र में शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, विशेष शिक्षक, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट, नर्स, पैथोलॉजी, समाजसेवक और काउंसलर की सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। विकासात्मक देरी, देर से बोलने, सीखने में परेशानी और ऑटिज्म जैसे लक्षणों वाले बच्चों का नियमित आकलन और उपचार किया जा रहा है।
मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों में सामने आ रही लर्निंग प्रॉब्लम के मामलों में भी विशेषज्ञ सेवाएं दी जा रही हैं। जतन के दंत चिकित्सा विभाग में टंग-टाई यानी जीभ के जुड़ाव की समस्या वाले बच्चों का फ्रेनेक्टमी पद्धति से निशुल्क उपचार किया जा रहा है। अब तक करीब 285 बच्चे इस सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं।
इसके साथ ही बच्चों के दांत और मुंह से जुड़ी अन्य बीमारियों का भी इलाज किया जाता है। श्रवण संबंधी परेशानी वाले बच्चों के लिए केंद्र में बीईआरए और पीटीए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। ये जांच दिव्यांगता प्रमाण पत्र और कॉक्लियर इंप्लांट की प्रक्रिया में भी उपयोगी होती हैं।
वहीं फिजियोथेरेपी विभाग में शारीरिक रूप से बाधित बच्चों के उपचार और पुनर्वास पर काम किया जाता है, ताकि वे दैनिक गतिविधियां अधिक आसानी से कर सकें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जतन डीईआईसी में सेवाओं के लगातार सुधार और विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। निःशुल्क विशेषज्ञ उपचार, बच्चों के अनुकूल वातावरण और समय पर हस्तक्षेप ने इस केंद्र को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के परिवारों के लिए भरोसे का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।
पिछले 10 वर्षों में हजारों बच्चों तक पहुंची यह सेवा उनकी बेहतर सेहत, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

