थाईलैंड: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड पहुंचे हैं। थाईलैंड की धरती पर पीएम का भव्यता से स्वागत किया गया है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने रामायण के थाई संस्करण, रामकियेन को देखा, जिसे कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया।

रामकियेन को प्रस्तुत करने वाले कलाकारों में से एक ने कहा, “आज, हम बहुत खुश हैं कि हम प्रधानमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों के सामने रामायण और रामकियेन तथा थाई शास्त्रीय और भरतनाट्यम दोनों का संयोजन प्रस्तुत कर रहे हैं।”

थाईलैंड के विदेश मामलों के उप मंत्री लालिवन कर्णचनाचारी ने कहा, आज, हम प्रधानमंत्री मोदी का हमारे खूबसूरत देश में स्वागत करते हैं क्योंकि वे बिम्सटेक बैठक में भाग लेने के लिए यहाँ आए हैं। हमने प्रदर्शन के दौरान भारतीय और थाई संस्कृतियों का मिश्रण देखा। प्रधानमंत्री यहाँ बहुत अच्छा समय बिताएँगे।”

गौरतलब है कि थाईलैंड की अपनी यात्रा के दौरान वह अपनी समकक्ष पैंटोगटार्न शिनावात्रा के साथ वार्ता करेंगे। यहां के डॉन मुआंग हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर सिख समुदाय के लोगों ने भांगड़ा किया। थाईलैंड की यात्रा समाप्त करने के बाद वह श्रीलंका जाएंगे, जो देश में नए राष्ट्रपति के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।

गुरुवार शाम को प्रधानमंत्री की मौजूदगी में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमा और भूटान के बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) नेताओं के साथ समुद्री सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और म्यांमा के सैन्य नेता मिन आंग हलिंग सहित अन्य लोगों से मुलाकात करेंगे।

भारत से थाईलैंड के लिए प्रस्थान करते समय अपने वक्तव्य में मोदी ने बिम्सटेक को पिछले दशक में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय विकास, संपर्क और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया था।

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