चेन्नई. तमिलनाडु सरकार ने अभिनय से राजनीति में आए विजय की करूर रैली में नियमों का उल्लंघन दर्शाने वाले वीडियो मंगलवार को जारी किए. राज्य सरकार ने दावा किया कि रैली में अनुमानित भीड़ से दोगुनी संख्या में लोग एकत्र हुए जिससे काफी कठिनाइयां हुईं.
राज्य सरकार ने (तमिलगा वेत्री कषगम प्रमुख विजय की रैली में भगदड़ पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया और मीडिया पर किए जा रहे कई दावों के मद्देनजर) वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाकर भगदड़ और संबंधित घटनाओं पर कुछ बुनियादी तथ्यों की जानकारी दी और ऐसे पहलुओं पर अपने रुख से अवगत कराया.
सरकारी प्रवक्ता एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की वरिष्ठ अधिकारी पी. अमुधा के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने यहां फोर्ट सेंट जॉर्ज स्थित सचिवालय में संवाददाताओं को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और वीडियो साझा किये. स्वास्थ्य सचिव पी सेंथिलकुमार और एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) एस डेविडसन देवसिरवधम ने भी अपनी बात रखी. सरकार ने अफवाहों, हिंसा भड़काने वाली सामग्री प्रकाशित करने या अफवाहें फैलाने के खिलाफ भी चेतावनी दी है.
सरकार की प्रेस वार्ता अभिनय से राजनीति में आए विजय द्वारा एक वीडियो जारी करने के कुछ समय बाद हुई. विजय ने वीडियो जारी कर भगदड़ पर अपना रुख स्पष्ट किया था और दावा किया था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया. इन वीडियो में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) कार्यकर्ताओं द्वारा मानदंडों का उल्लंघन दिखाया गया है, जो नमक्कल और करूर में छतों पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि टीवीके द्वारा प्रस्तावित रैली स्थल करूर राउंडटाना को पेट्रोल पंप और सीवेज नहर के निकट होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया था.
अमुधा ने स्पष्ट किया कि रैली के दौरान बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई थी. उन्होंने कहा, ”टीवीके द्वारा अनुमानित 10,000 की भीड़ दोगुनी हो गई; साथ ही अभिनेता विजय के पीछे आने वाली भीड़ के कारण यह संख्या 25,000 से अधिक हो गई.” एडीजीपी देवसिरवधम ने कहा कि पुलिस ने विजय को ‘अत्यधिक भीड़’ के कारण निर्धारित स्थान से 50 मीटर पहले रुकने के लिए कहा था, लेकिन आयोजक ने ऐसा नहीं किया.
अमुधा के अनुसार, भीड़ बिजली जनरेटर स्थल की ओर बढ़ी, जिससे वहां रोशनी के लिए लगाई गई बत्तियां खराब हो गईं. उन्होंने बताया, ”दोपहर से ही भीड़ बढ़ गई, कुछ लोग सुबह (कार्यक्रम स्थल पर) इकट्ठा हुए, जिससे उन्हें निर्जलीकरण और थकावट की समस्या हो गई. जब विजय का वाहन करूर में निर्धारित स्थान पर पहुंचा, तो भीड़ और बढ़ गई….” देवसिरवधम ने कहा कि रैली में विजय की एक झलक पाने के लिए लोग आगे बढ़े और धक्का-मुक्की करने लगे.
पीड़ितों के पोस्टमार्टम के बारे में स्वास्थ्य सचिव सेंथिल कुमार ने कहा कि शोक संतप्त परिवारों की व्यग्रता को कम करने के लिए प्रक्रियाएं अपनाई गईं. सरकार द्वारा जारी एक अन्य वीडियो में प्रशंसकों को मोटरसाइकिल पर विजय की प्रचार बस का पीछा करते हुए दिखाया गया, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
एक अन्य क्लिप में एक और घटना दिखाई गई, जिसमें एक वाहन ने बस (जिसमें विजय यात्रा कर रहे थे) का पीछा किया. इसके अलावा, क्लिप में यातायात नियमों का उल्लंघन, गलत रास्ते पर चलते वाहन वगैरह भी दिखाए गए. देवसिरवधम ने कहा कि मदुरै, विल्लुपुरम, तिरुचिरापल्ली, नमक्कल और करूर में विजय के अभियान के परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं की बाढ़ आ गई.
उन्होंने बताया, ”सड़क दुर्घटनाओं के कारण करूर में सबसे अधिक 114 लोग घायल हुए, जबकि विल्लुपुरम में 42, मदुरै में 14 और तिरुचिरापल्ली में 12 लोग घायल हुए.” अधिकारी के मुताबिक, भगदड़ से पहले नमक्कल में लू लगने के कारण 34 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अभिनेता ने उस दिन करूर जाने से पहले एक सभा को संबोधित किया था.2
