राष्ट्रवाणी: न्यूज, रामानुजगंज: रामानुजगंज से बलरामपुर एनएच-343 की बदहाली और निर्माण कार्य चर्चा में है। इस बार सड़क की खराब स्थिति के साथ इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक कथित आडियो क्लिप और लेन-देन की सूची ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। प्रसारित सूची में कुछ नामों के सामने कथित तौर पर रकम का उल्लेख है।
इंटरनेट मडिया पर प्रसारित इस सूची में बड़े-बड़े अधिकारियों के भी नाम हैं। बातचीत में प्रशासनिक जिम्मेदारों का नाम लेकर कथित महीने का खर्च और कमीशन दिए जाने संबंधी बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल ऑडियो और सूची की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि वायरल आडियो में एनएच-343 से जुड़े एक पूर्व कर्मचारी और एक अज्ञात व्यक्ति के बीच बातचीत है। बातचीत में कर्मचारी द्वारा भुगतान को लेकर परेशानी का जिक्र किए जाने और श्रम विभाग में शिकायत के बाद कुछ भुगतान होने की बात कहे जाने का दावा किया जा रहा है। आडियो में निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री और भुगतान से जुड़े कुछ संदर्भ भी सुनाई देने की चर्चा है।
वायरल दावों के बीच एनएच-343 की मौजूदा स्थिति भी सवाल खड़े कर रही है। बारिश के बाद रामानुजगंज-बलरामपुर मार्ग के कई हिस्सों में गड्ढे, कीचड़ और खराब सतह के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन मार्ग पर आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक कठिन हो गया है और कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार बेहद कम हो जाती है।
निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले से उठते रहे सवालों के बीच अब निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री और कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की जांच की मांग भी उठने लगी है। निर्माण कार्य से जुड़े कुछ कथित वीडियो और दावों में नाली निर्माण के दौरान कंक्रीट को दबाने के लिए वाइब्रेटर मशीन की जगह लकड़ी के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है।
वहीं वायरल ऑडियो में सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी कथित तौर पर सवाल उठाए जाने की चर्चा है। यदि इन दावों की पुष्टि होती है तो निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ मौके पर तकनीकी निगरानी की व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं। एनएच-343 का रामानुजगंज-बलरामपुर मार्ग लंबे समय से निर्माण गुणवत्ता, सड़क मरम्मत, यातायात सुरक्षा और विभागीय निरीक्षण को लेकर चर्चा में रहा है।
अब वायरल ऑडियो और कथित सूची सामने आने के बाद मामले में निष्पक्ष जांच की मांग और तेज हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो और सूची में कितनी वास्तविकता है और क्या इनके पीछे कोई वास्तविक लेन-देन या अनियमितता है। इसका स्पष्ट जवाब केवल अधिकृत जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
जांच व बयान के बाद होगा अपराध पंजीबद्ध इस संबंध में एसडीएम आनंद कुमार नेताम ने कहा कि दो व्यक्तियों के द्वारा बातचीत करने का ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित है। इन दोनों व्यक्तियों की पहचान हो गई है । दोनों को नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
जांच और उनके बयान के बाद अपराध पंजीबद कराया जाएगा।
