भोपाल/तिरुवनंतपुरम. कांग्रेस विधायक और ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी)’ के सदस्य आरिफ मसूद के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को यहां नये वक्फ कानून के खिलाफ एक प्रदर्शन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में दो घंटे के सांकेतिक और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के बाद मसूद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एआईएमपीएलबी ने पहले भी इसका विरोध किया था और आज भी वह इसके विरोध में है.

उन्होंने कहा,”हम इस कानून को मानने के लिए तैयार नहीं हैं.” उन्होंने दावा किया कि यह कानून वक्फ की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि सरकार की संपत्तियां मुक्त कराने के लिए लाया गया है. मसूद ने कहा कि दो घंटे का सांकेतिक विरोध केंद्र के उस कानून के खिलाफ है जो यह दर्शाने की कोशिश करता है कि वह वक्फ की हिमायत में है. उन्होंने कहा, ”इस कानून का वक्फ से कोई लेना-देना नहीं है. इससे वक्फ को कोई फायदा नहीं है.” कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि एआईएमपीएलबी हर स्तर पर इस कानून का विरोध करेगा.

उन्होंने कहा कि इस कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का भी रुख किया जाएगा क्योंकि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.
उन्होंने कहा, ”जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती, हम लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे.” संसद के दोनों सदनों में लंबी बहस के बाद गत बृहस्पतिवार को लोकसभा ने और शुक्रवार को राज्यसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को विधेयक को अपनी सहमति दे दी.

तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल की तरह वक्फ अधिनियम को ‘खारिज’ करे केरल: मुस्लिम समूह

केरल में मुस्लिम संगठनों ने राज्य की वामपंथी सरकार और विपक्षी दलों से एक संयुक्त प्रस्ताव पारित करने का आ”ान किया है, जिसमें यह कहा जाए कि राज्य में विवादास्पद वक्फ संशोधन अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा. मुस्लिम संगठनों का कहना है कि राज्य को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की तर्ज पर ऐसा करना चाहिए.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि वह अपने राज्य में इस अधिनियम को लागू नहीं करेंगी, जबकि तमिलनाडु विधानसभा ने संसद द्वारा पारित किए जाने से पहले ही केंद्र से वक्फ संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) इस कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी.

साउथ केरल जमीयतुल उलमा के महासचिव टी. मुहम्मद कुंजी मौलवी ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “स्टालिन पहले ही घोषणा कर चुके हैं और उनकी विधानसभा ने वक्फ संशोधन अधिनियम के कार्यान्वयन के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है. हम मांग करते हैं कि केरल सरकार भी ऐसा प्रस्ताव पारित करे.” हाल ही में पारित कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को केरल में राजभवन तक मार्च निकालने वाले कई अन्य मुस्लिम संगठनों ने भी यही मांग की है.

मुस्लिम नेताओं ने इस संशोधन को “देश से मुसलमानों को मिटाने” और उनकी सभी संपत्तियों को जब्त करने का प्रयास बताया है.
केरल मुस्लिम जमात फेडरेशन के अध्यक्ष कडक्कल अब्दुल अज.ीज. मौलवी ने कहा, “इस देश में आखिरी मुसलमान की मौत तक हम इस लोकतंत्र विरोधी कानून को लागू नहीं होने देंगे. हमारा राजभवन मार्च सिफ.र् शुरुआत है और हम संसद तक एक विशाल विरोध रैली भी आयोजित कर सकते हैं.”

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