राष्ट्रवाणी 10 जून। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के चार वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार में बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार वर्ष 1995 बैच के आईएफएस अधिकारी ओपी यादव को छत्तीसगढ़ के प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन के पद पर पदस्थ किया गया है। वर्तमान में वे मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) के रूप में कार्यरत हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
- केशलेन्द्र कुमार (1992 बैच), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुश्रवण एवं मूल्यांकन) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ निदेशक, छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- ओपी यादव (1995 बैच) को प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन बनाया गया है।
- शालिनी रैना (2001 बैच), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- माथेश्वरन व्ही (2006 बैच) को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना/बजट लेखा एवं लेखा परीक्षा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वन्यजीव संरक्षण पर रहेगा फोकस
वन विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से ओपी यादव को मुख्य वन्यजीव वार्डन की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों और वन्यजीव संरक्षण परियोजनाओं के संचालन में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

