राष्ट्रवाणी: Mahua Moitra Supreme Court: जस्टिस बीवी नागरत्ना की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने दो टूक कहा कि जब देश में ऐसी जानकारी को पूरी तरह सार्वजनिक करने का कोई कानूनी या नियामक ढांचा ही मौजूद नहीं है, तो अदालत सीधे रिट ऑफ मैंडमस जारी नहीं कर सकती. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा को अपनी इन मांगों के साथ सीधे केंद्र सरकार और सेबी का दरवाजा खटखटाने की छूट दे दी है.
Trending
- संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: 149 देशों में 252 मिलियन हेक्टेयर भूमि पुनरुद्धार के अधीन – भारतीय पीएसयू
- एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी Q2 का मुनाफा 57% बढ़कर 137.5 करोड़ रुपये हुआ; राजस्व 53% बढ़ा – भारतीय पीएसयू
- लाभप्रदता चुनौतियों के बावजूद IGL Q2 की बिक्री मात्रा 8% बढ़ी – भारतीय PSU
- चक्रवात अर्नब से फसल नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने और राहत राशि देने के मुख्यमंत्री साय के निर्देश – राष्ट्रवाणी
- कोरबा: में पीएम आवास निर्माण के दौरान हादसा, दीवार से गिरकर मजदूर की मौत—देखें क्या है पूरा सच – राष्ट्रवाणी
- रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), EOW और ACB की बड़ी कार्रवाई: रायपुर, भिलाई समेत कई शहरों में 18 से अधिक ठिकानों पर छापे – राष्ट्रवाणी
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को दी मंजूरी – राष्ट्रवाणी
- सुप्रीम कोर्ट: सहमति से बना संबंध टूटने पर दुष्कर्म का मामला नहीं बनता—जानें पूरा मामला – राष्ट्रवाणी

