राष्ट्रवाणी: रसोई में रखे नमक का डिब्बा कुछ समय बाद गीला या नम हो जाना आम बात है. खासकर बारिश और ज्यादा नमी वाले मौसम में नमक के दाने आपस में चिपकने लगते हैं और उसे निकालना मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या से बचने के लिए कई घरों में नमक के डिब्बे में थोड़े से चावल डालकर रखे जाते हैं. आपने भी शायद अपने घर या किसी रिश्तेदार की रसोई में ऐसा जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर नमक के साथ चावल ही क्यों रखे जाते हैं?
दरअसल यह नमी को कंट्रोल करने वाला एक आसान तरीका है. आइए जानते हैं कि यह काम कैसे करता है और नमक को नमी से बचाने के लिए और किन चीजों को इस्तेमाल करना बेहतर होता है. नमक का नेचर ऐसा होता है कि वह वातावरण में मौजूद नमी को अपनी ओर खींच सकता है. इसे साइंस में हाइग्रोस्कोपिक नेचर कहा जाता है. जब हवा में नमी ज्यादा होती है, तो नमक के दानों की सतह पर पानी की पतली परत बनने लगती है. इसकी वजह से धीरे-धीरे नमक के दाने आपस में चिपक जाते हैं और डिब्बे में गांठें बनने लगती हैं. रसोई में खाना बनाते समय भाप, गीले हाथ या गीला चम्मच इस्तेमाल करने से भी नमक के डिब्बे में नमी पहुंच जाती है. यही वजह है कि बरसात के मौसम में यह समस्या ज्यादा दिखाई देती है. नमक के डिब्बे में कुछ सूखे चावल डालने से नमक की नमी को कम करने में मदद मिलती है. चावल सूखा और दानेदार होता है, इसलिए वह डिब्बे के अंदर मौजूद कुछ नमी को अपने आसपास रोकने में मदद करता है. इसके अलावा चावल के दाने नमक के छोटे-छोटे कणों को अलग रखने में भी सहायक होते हैं. हालांकि डिब्बे में बहुत ज्यादा पानी या लगातार नमी जा रही है, तो केवल चावल डालने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती है. ऐसे में आपको उसके पीछे की वजह जाननी चाहिए. इसके लिए बहुत ज्यादा चावल की जरूरत नहीं होती. नमक के डिब्बे के आकार के हिसाब से कुछ सूखे चावल के दाने पर्याप्त होते हैं. इन्हें सीधे नमक में डालकर रखा जा सकता है. अगर डिब्बा बड़ा है तो थोड़ी अधिक मात्रा इस्तेमाल की जा सकती है. ध्यान रखें कि चावल पूरी तरह सूखे होने चाहिए. गीले या नमी वाले चावल डालने से फायदा होने के बजाय नमक में नमी बढ़ सकती है. वहीं समय-समय पर चावल को बदल देना भी बेहतर रहता है, खासकर अगर वे नमी खींचकर नरम हो गए हों. नमक में चावल डालने के अलावा कुछ छोटी आदतें भी इसकी नमी कम करने में मदद कर सकती हैं. नमक के डिब्बे को हमेशा सूखी जगह पर रखें और उसे गैस की भाप या सिंक के बिल्कुल पास रखने से बचें. नमक निकालने के लिए हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. डिब्बे का ढक्कन भी अच्छी तरह बंद होना चाहिए. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
