राष्ट्रवाणी: जीक्यूजी पार्टनर्स ने सितंबर तिमाही में अदाणी ग्रुप की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी लगभग ₹8,000 करोड़ कम की। यह बिकवाली …और पढ़ें अदाणी ग्रुप में घटाई GQG ने हिस्सेदारी जीक्यूजी ने अदाणी ग्रुप में ₹8,000 करोड़ की हिस्सेदारी बेची सितंबर तिमाही में पांच अदाणी कंपनियों में हिस्सेदारी कम की एफपीआई की अदाणी कंपनियों में मिली-जुली हिस्सेदारी रही बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
अमेरिका की इन्वेस्टमेंट फर्म GQG पार्टनर्स ने सितंबर तिमाही में भी अदाणी ग्रुप की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करना जारी रखा है। कंपनी ने ग्रुप के पांच शेयरों में लगभग ₹8,000 करोड़ की हिस्सेदारी बेची। यह बिकवाली विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी में मिले-जुले रुझानों के बीच हुई।
विदेशी निवेशकों ने कुछ अदाणी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जबकि कुछ अन्य में इसे घटाया। राजीव जैन द्वारा शुरू की गयी और $156 बिलियन (14.83 लाख करोड़ रुपये) से अधिक की एसेट मैनेज करने वाली जीक्यूजी ने 2023 में तब काफी ध्यान आकर्षित किया था, जब उसने अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के बाद हुई बिकवाली के दौरान अदाणी ग्रुप की कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी थी।
तब इसे अदाणी ग्रुप के लिए किसी सपोर्ट की तरह आंका गया था। GQG की यह हालिया बिकवाली, साल 2026 के पहले छह महीनों में लगभग ₹13,200 करोड़ की अनुमानित हिस्सेदारी बिक्री के बाद हुई है। GQG की बिकवाली के उलट, सितंबर तिमाही के दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स में कुल FPI हिस्सेदारी बढ़ी, जबकि अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में गिरावट आई।
इस तिमाही के दौरान GQG ने सबसे बड़ी कटौती अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में की, जहां इसकी हिस्सेदारी जून के 4.14% से घटकर 1.71% रह गई। सितंबर के अंत में अदाणी ग्रुप की कंपनियों में GQG की हिस्सेदारी की मार्केट वैल्यू लगभग ₹39,270 करोड़ थी, जबकि एक तिमाही पहले यह ₹47,290 करोड़ था। जनवरी-जून 2026 के दौरान, GQG की सबसे बड़ी अनुमानित हिस्सेदारी कटौती अदाणी एंटरप्राइजेज में हुई (लगभग ₹6,375 करोड़)।
इसके बाद अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी पावर का स्थान रहा। सितंबर तिमाही के दौरान कुल FPI हिस्सेदारी में मिला-जुला रुझान दिखा। विदेशी निवेशकों ने अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में अपनी हिस्सेदारी कम की, जबकि अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी टोटल गैस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।

