राष्ट्रवाणी: सोहा अली खान (Soha Ali Khan) ने हाल ही में बताया कि माता-पिता से मिले सरनेम से क्या उन्हें किसी तरह का प्रेशर महसूस होता है। सोहा अली खान के लिए क्या है सफलता के मायने? माता-पिता से मिले सरनेम के बारे में क्या बोलीं एक्ट्रेस? सोहा की जिंदगी में क्या है असली खुशी? जागरण न्यूज नेटवर्क, मुंबई। जीवन में क्या चाहिए और क्या नहीं? इन बातों को लेकर अभिनेत्री सोहा अली खान हमेशा से स्पष्ट रही हैं। महत्वाकांक्षी होने को लेकर उनकी अपनी एक परिभाषा रही है। सोहा कहती हैं कि महत्वाकांक्षी होने को लेकर मेरी परिभाषा दूसरों से अलग हो सकती है। मेरे पिता ने इसे लेकर मुझे एक बात समझाई थी। उन्होंने कहा था कि कई लोगों के लिए उनका लक्ष्य जीवन में खुश रहना होता है। आप जो काम कर रही हैं, उसे करते वक्त संघर्ष और मेहनत करने में भी खुशी का एहसास हो रहा है तो वह करो और बनो जो बनना है, लेकिन अगर आपको लगता है कि वह संघर्ष आपको खुश नहीं कर रहा है और केवल एक सीढ़ी है, जो आपको उस खुशी तक लेकर जाएगी तो फिर आपको वह नहीं करना चाहिए। सोहा ने अभिनय के बारे में बात करते हुए कहा, ‘अभिनय मेरे करियर का एक हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं है। मेरे पास समय होता है, जिसमें मैं कई बार कुछ नहीं करना चाहती हूं। कई लोग उसके लिए भी बहुत मेहनत कर रहे हैं। मैं आलसी नहीं हूं, बस मुझे शांत रहना पसंद है। मुझे जरूरत नहीं है कि मैं बहुत पैसा कमाऊं, प्रसिद्ध हो जाऊं, उस स्तर की खुशी पाने के लिए, जो मुझे चाहिए। इस पर वह कहती हैं कि मैं हमेशा से इन बातों के प्रति जागरूक रही हूं कि मेरी मां की शादी कामयाब रही है, उन्होंने अपने तीनों बच्चों को बहुत अच्छे से पाला है। इसके साथ ही उनका फुल टाइम बॉलीवुड करियर रहा है। ये बातें मुझे प्रेरित करती रही हैं। इसलिए मुझे अपना सरनेम पसंद है और यह विशेषाधिकार दूसरों के पास नहीं है। सोहा अली खान (Soha Ali Khan) को पिछली बार अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई हॉरर फिल्म ‘छोरी 2’ में ‘दासिमा’ नाम का ग्रे किरदार निभाते हुए देखा गया था।
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