राष्ट्रवाणी: 14 की उम्र में ‘चौदहवीं का चांद’ जैसे आईकॉनिक गाने की धुन बनाने वाले लीजेंडरी गिटारिस्ट गोरख शर्मा (Gorakh Sharma) की बनाए गाने आप दिन-रात गुनगुनाते हैं। कौन थे लीजेंडरी गिटारिस्ट गोरख शर्मा? ‘दम मारो दम’ से लेकर ‘एक हसीना’ तक की बनाई धुन एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।
सिनेमा एक ऐसा आर्ट जिसमें हम तारीफ तो उन कलाकारों की करते हैं जो हमें बड़े पर्दे पर दिखते हैं लेकिन कई बार पर्दे के पीछे के कलाकारों को उतनी लाइमलाइट नहीं मिल पाती। एक ऐसे ही कलाकार भारतीय सिनेमा में थे जिन्होंने कई कल्ट गानों की धुनें तैयार की जो आज भी हम गुनगुनाते हैं लेकिन हमें पता भी नहीं है कि आखिर इन धुनों के पीछे कौन सा कलाकार है।
आज हम जिस कलाकार की बात कर रहे हैं वो हैं ‘कर्ज’ फिल्म का मशहूर थीम सॉन्ग बनाने वाले दिग्गज गिटारिस्ट गोरख शर्मा (Gorakh Sharma) की। गोरख शर्मा मशहूर ट्रम्पेट वादक पंडित रामप्रसाद शर्मा के बेटे थे, जिन्होंने उन्हें संगीत की शुरुआती बातें सिखाईं। उन्होंने उन्हीं से म्यूजिक नोटेशन पढ़ने और कई तरह के तार वाले वाद्ययंत्र (string instruments) बजाने की कला में महारत हासिल की।
गोरख शर्मा ने मैंडोलिन, मैंडोला, रबाब और कई तरह के गिटार जैसे एकोस्टिक, जैज, बारह-तार वाले और इलेक्ट्रिक गिटार बजाए हैं। इतना ही नहीं, वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बास गिटार बजाने वाले पहले व्यक्ति थे। वे प्यारेलाल (लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोड़ी) के छोटे भाई थे।
1960 के दशक में 14 साल की उम्र में गोरख शर्मा को ‘चौदहवीं का चांद’ (Chaudhvin Ka Chand Ho) गाने के लिए मैंडोलिन बजाने और डायरेक्टर रवि के साथ काम करने का मौका मिला। जल्द ही उन्होंने रवि, शंकर-जयकिशन और कल्याणजी-आनंदजी जैसे म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम करना शुरू कर दिया। गोरख शर्मा ने 1000 से अधिक गानों पर काम किया है और शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), सनी देओल (Sunny Deol), जूही चावला-स्टारर डर, कर्ज और आशिकी सहित 500 से अधिक फिल्मों के लिए विशेष धुनें बनाई हैं।
ये सभी हिट फिल्में थीं और इनका संगीत भी दर्शकों को खूब पसंद आया था। उनके कुछ मशहूर गाने जिनमें उन्होंने अपना जादू चलाया उनमें जादू तेरी नजर, सासों की जरूरत है जैसे, एक हसीना थी (Ek Haseena Thi), हम बने तुम बने, मैं शायर तो नहीं और मेरे महबूब कयामत होगी शामिल हैं। गोरख शर्मा संगीत की महान विरासत से ताल्लुक रखते थे।
आज वे हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी कला और धुनें आज भी म्यूजिक लवर्स के दिलों में जिंदा हैं। दिग्गज म्यूजिशियन ने 26 जनवरी 2026 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।
