राष्ट्रवाणी: भानजी लवजी घीवाला, भारत का 130 साल से भी पुराना घी ब्रांड है जिसकी शुरुआत मुंबई में 1896 में हुई थी। भानजी लवजी घीवाला भारत का 130 साल पुराना प्रतिष्ठित घी ब्रांड। मुंबई में 1896 में हुई शुरुआत, आज भी कालबादेवी में दुकान।

एगमार्क प्रमाणित और ‘गोल्ड मेडलिस्ट’ गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध। नई दिल्ली। भारतीय घरों की रसोई में घी का बड़ा महत्व है, ठीक वैसा ही जैसा तिजोरी सोने का होता है।

बिना घी के भारतीय भोजन की कल्पना नहीं की जा सकती है इसलिए इंडियन मार्केट में घी के कई ब्रांड हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं भारत का सबसे पुराना घी ब्रांड कौन-सा है, इसका इतिहास कितना पुराना है? देश के सबसे पुराने घी ब्रांड की शुरुआत 130 साल पहले हुई थी और आज भी यह बिक रहा है।

भानजी लवजी घीवाला (Bhanji Lavji Gheewala)130 से अधिक वर्षों की विरासत वाले इस आइकॉनिक घी ब्रांड से जुड़े कई दिलचस्प पहलू हैं। भानजी लवजी घीवाला की शुरुआत मुंबई में 1896 में हुई। हालांकि, इस ब्रांड की जड़ें गुजरात के पोरबंदर से जुड़ी हुई हैं।

यह वह वक्त था जब घी का व्यापार मुख्य रूप से स्थानीय और असंगठित स्तर पर होता था, लेकिन भानजी लवजी ने इसे एक भरोसेमंद ब्रांड की पहचान दी। भानजी लवजी घीवाला, इस 130 साल पुराने ब्रांड की सबसे बड़ी पहचान मुंबई के कालबादेवी इलाके में स्थित इनकी रिटेल शॉप है। खास बात है कि यह दुकान दादीसेठ अगियारी लेन में आज भी स्थित है।

आज के सुपरमार्केट के दौर में भी यह दुकान अपने पुराने स्वरूप में है और ब्रांड की लोकप्रियता को बनाए रखे है। भानजी लवजी घीवाला, यह भारत सरकार द्वारा एगमार्क प्रमाणित ब्रांड है और अपनी बेहतरीन क्वालिटी के लिए इसे ‘गोल्ड मेडलिस्ट’ ब्रांड का दर्जा भी प्राप्त है। पोरबंदर और मुंबई के अलावा, अहमदाबाद के प्रसिद्ध ‘घी बाज़ार’ में भी इस ब्रांड का ऐतिहासिक डिपो रहा, जो कई सालों तक घी के थोक और खुदरा व्यापार का एक बहुत बड़ा केंद्र माना जाता था।

1950 के दशक में जब भारत में डेयरी कारोबार का उदय हुआ और अमूल जैसे समूह अस्तित्व में आए तो घी से जुड़े स्थानीय ब्रांड पहचान खोने लगे, लेकिन भानजी लवजी घीवाला के साथ ऐसा नहीं हुआ। यह ब्रांड आज भी अपने पुराने विश्वसनीय ग्राहकों और प्रीमियम क्वालिटी की बदौलत टिका हुआ है।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version