राष्ट्रवाणी: पंकज उधास का गाई ये गजल आज भी श्रोताओं के दिलों को छूती है और उन्हें इमोशनल कर देती है। यह जुदाई के दर्द को बखूबी बयां करता है। एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।

पंकज उधास ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन और यादगार नग्में दिए हैं। ‘चिट्ठी आई है’ और ‘आहिस्ता कीजिए बातें’ऐसे ही कुछ गाने हैं जिन्हें महफिलों की शान माना जाता है। उन्होंने हिंदी शायरी और उर्दू की थीम वाले ऐसे कई गाने गाए हैं।

गजलों के अलावा उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए रूमानी और दर्दभरे गीत (Sad and Romantic Songs) भी गाए, जिनकी भाषा तो काफी सरल होती थी लेकिन वो सीधे दिल पर चोट करते थे। आज हम आपको साल 1993 में आई फिल्म ‘फिर तेरी याद आई’ (Phir Yaad Teri Aayi) के गाने ‘दिल देता है रो रो दुहाई’ (Dil Deta Hai Ro Ro Duhai) के बारे में बताने वाले हैं।

इस गाने को पंकज उधास ने गाया है और ये एक ऐसे इंसान की बेबसी और गहरे दुख को बयान करना है जब दिल किसी अपने से बिछड़कर या ठुकराए जाने के बाद टूट जाता है। उसका मन अंदर से बेहद उदास होता है। इस फिल्म में राहुल रॉय और पूजा भट्ट की जोड़ी नजर आएगी।

इसे पंकज उधास ने गाया है और अनु मलिक ने इसका संगीत दिया है। कतील शिफाई ने इसके बोल लिखे हैं। एक लाइन में अगर समझे तो ये गाना उस बारे में है कि यह गीत एक ऐसे दिल की पुकार है जो यह सिखाता है कि इश्क की राहों में जितनी शिद्दत होती है, जुदाई का सफर उतना ही दर्दनाक और महंगा साबित होता है।

वहीं फिल्म की स्टोरी पर अगर ध्यान दें तो फिर तेरी याद आई की कहानी भी बेहद इमोशनल है। इसकी कहानी राहुल नाम के एक शराबी फिल्म निर्देशक की है जिसका रोल राहुल रॉय ने निभाया है। उसे मानसिक रूप से बीमार पूजा से प्यार हो जाता है।

दोनों की मुलाकात रिहैबिलिटेशन सेंटर में होती है। लेकिन पूजा की गंभीर मानसिक अस्थिरता के कारण उनका यह रिश्ता अधूरा रह जाता है और यहीं से कहानी में ट्रेजिक मोड़ आता है।

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संपादक : नीरज दीवान

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