राष्ट्रवाणी: भारत के बढ़ते व्यापार के लिए विदेशी बंदरगाहों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देते हैं। कई …और पढ़ें कोलंबो पोर्ट भारत के लिए सबसे बड़ा विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब है। चाबहार बंदरगाह पाकिस्तान पर निर्भरता खत्म कर व्यापार बढ़ाता है।

सिंगापुर पोर्ट भारतीय कंटेनरों के लिए महत्वपूर्ण ट्रांसशिपमेंट केंद्र है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| दुनिया के व्यापार का लगभग 80 फीसदी हिस्सा समुद्री मार्गों से होता है। ग्लोबल इकॉनमी को चलाने में बंदरगाहों की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी किसी देश के लिए सड़क और रेल नेटवर्क की।

आज दुनिया के सबसे व्यस्त कंटेनर बंदरगाह एशिया में स्थित हैं आइए जानते हैं कौन से बंदरगाहों का दबदबा व्यापार की दुनिया में मशहूर है और भारत के लिए कौन कितना जरूरी है? भारत का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। इसी के साथ भारत ईंधन, उर्वरक, तेल, दाल, स्क्रैप सहित कई महत्वपूर्ण चीजों का बड़ा निर्यातक देश है।

भारत को अपनी व्यापारिक गतिविधियां तेज करने के लिए विदेशी बंदरगाहों की मदद लेनी होती है। आइए ऐसे पोर्टेस के बारे में जानते हैं जो भारत के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत से यूरोप, अमेरिका और पूर्वी एशिया जाने वाले कंटेनरों का बड़ा हिस्सा सिंगापुर के जरिए आगे भेजा जाता है।

इसे ट्रांसशिपमेंट हब कहा जाता है। अगर सिंगापुर पोर्ट में कोई समस्या आती है तो भारतीय निर्यातकों की लागत और डिलीवरी समय दोनों बढ़ सकते हैं। भारत के व्यापार के नजरिए से ये बंदरगाह काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत का पड़ोसी देश चीन भी भारत के आयात-निर्यात के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भारत बड़ी मात्रा में मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर उपकरण, रसायन और इंडस्ट्रियल रॉ मैटेरियल चीन से आयात करता है। शंघाई, शेनझेन, निंगबो और किंगदाओ जैसे बंदरगाह भारत-चीन व्यापार की लाइफलाइन माने जाते हैं।

इन बंदरगाहों में रुकावट का असर भारतीय इंडस्ट्री की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के लिए भारत के व्यापार में दुबई का जेबेल अली पोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खाड़ी क्षेत्र का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब माना जाता है।

पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने पर इस समुद्री रास्ते और बंदरगाह की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। पोर्ट क्लांग मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। भारत से पूर्वी एशिया जाने वाले कई जहाज इस रास्ते का उपयोग करते हैं।

भारत के लिहाज से ये बहुत जरूरी बंदरगाह है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के कुल विदेशी ट्रांसशिपमेंट के 85% से अधिक हिस्से को संभालने वाले शीर्ष 3 बंदरगाहों में शामिल है। यह भारत के लिए सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण विदेशी हब है।

भारत के कुल विदेशी ट्रांसशिपमेंट कार्गो का अकेले 45% से अधिक हिस्सा कोलंबो पोर्ट संभालता है। भारत के पूर्वी और दक्षिणी तटों (जैसे चेन्नई, कोलकाता और विशाखापत्तनम) का माल पहले छोटे जहाजों के जरिए कोलंबो जाता है, जहां से इसे यूरोप और अमेरिका जाने वाले मेगा-कंटेनर जहाजों पर लादा जाता है।

पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भरता खत्म करने के लिए चाबहार बंदरगाह भारत के नजरिए से बेहद अहम है। यह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का अहम हिस्सा है, जिससे रूस और यूरोप तक व्यापार आसान होगा। भारत पिछले कुछ सालों से इस पोर्ट पर बड़ा निवेश कर रहा है।

नोट- आंकड़े worldshipping वेबसाइट से लिए गए हैं, ये बदलते रहते हैं।

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