Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

मेरी भूमिका रक्षात्मक गेंदबाजी करना और विकेट लेना है: सैंटनर

January 29, 2026

रोहित ने कहा टी20 विश्व कप में अर्शदीप और हार्दिक होंगे सफलता की कुंजी

January 28, 2026

आईसीसी टी20: सूर्यकुमार सातवें स्थान पर, अभिषेक शीर्ष पर कायम; ईशान, दुबे और रिंकू ने लगाई लंबी छलांग

January 28, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Country»फलस्तीन मुद्दे पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया मानवता और नैतिकता का परित्याग है: सोनिया
Country

फलस्तीन मुद्दे पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया मानवता और नैतिकता का परित्याग है: सोनिया

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniSeptember 25, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
फलस्तीन मुद्दे पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया मानवता और नैतिकता का परित्याग है: सोनिया
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली. कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को फलस्तीन के मुद्दे पर मोदी सरकार के रुख की तीखी आलोचना की और कहा कि अब भारत को नेतृत्व का परिचय देना चाहिए. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकार की प्रतिक्रिया तथा “गहरी चुप्पी” और मानवता एवं नैतिकता, दोनों का परित्याग है.

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिंदू’ के लिए लिखे गए एक लेख में कहा कि सरकार के कदम मुख्य रूप से भारत के संवैधानिक मूल्यों या उसके सामरिक हितों के बजाय इज.राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की व्यक्तिगत मित्रता से प्रेरित प्रतीत होते हैं.

सोनिया गांधी ने कहा, “व्यक्तिगत कूटनीति की यह शैली कभी भी स्वीकार्य नहीं है और यह भारत की विदेश नीति का मार्गदर्शक नहीं हो सकती. दुनिया के अन्य हिस्सों में – खासकर अमेरिका में ऐसा करने के प्रयास हाल के महीनों में सबसे दुखद और अपमानजनक तरीके से विफल हुए हैं.” उन्होंने इज.राइल-फ.लस्तीन संघर्ष पर पिछले कुछ महीनों में तीसरी बार लेख लिखा है, जिनमें उन्होंने हर बार की तरह इस मुद्दे पर मोदी सरकार के रुख की तीखी आलोचना की है.

सोनिया गांधी ने लेख में कहा कि फ़्रांस, फ.लस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने में ब्रिटेन, कनाडा, पुर्तगाल और ऑस्ट्रेलिया के साथ शामिल हो गया है. उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 150 से अधिक देशों ने अब ऐसा कर दिया है.
कांग्रेस की शीर्ष नेता ने इस बात पर ज.ोर दिया कि भारत इस मामले में अग्रणी रहा है, जिसने फ.लस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) को वर्षों के समर्थन के बाद 18 नवंबर, 1988 को औपचारिक रूप से फ.लस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी थी.

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे भारत ने आज.ादी से पहले ही दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का मुद्दा उठाया था और अल्जीरियाई स्वतंत्रता संग्राम (1954-62) के दौरान, भारत एक स्वतंत्र अल्जीरिया के लिए सबसे मज.बूत आवाज.ों में से एक था.
उन्होंने बताया कि 1971 में भारत ने तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में नरसंहार को रोकने के लिए दृ­ढ़ता से हस्तक्षेप किया, जिससे आधुनिक बांग्लादेश का जन्म हुआ.

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि इज.राइल-फ.लस्तीन के महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर भी, भारत ने लंबे समय से एक संवेदनशील, लेकिन सैद्धांतिक रुख. अपनाया है और शांति और मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर ज.ोर दिया है.
सोनिया गांधी ने कहा कि भारत को फलस्तीन के मुद्दे पर नेतृत्व दिखाने की ज.रूरत है, जो अब न्याय, पहचान, सम्मान और मानवाधिकारों की लड़ाई है.

उनके मुताबिक, अक्टूबर 2023 में इज.राइल और फ.लस्तीन के बीच शत्रुता का नया दौर शुरू होने के बाद से, भारत ने अपनी भूमिका लगभग त्याग दी है. कांग्रेस की शीर्ष नेता ने कहा, “7 अक्टूबर, 2023 को इज.राइली नागरिकों पर हमास के क्रूर और अमानवीय हमलों के बाद इज.राइल की प्रतिक्रिया नरसंहार से कम नहीं रही. जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, 55,000 से ज़्यादा फ.लस्तीनी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 17,000 बच्चे शामिल हैं.” उन्होंने कहा, “गाज.ा के लोग अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, इज.राइली सेना बेहद ज.रूरी भोजन, दवा और अन्य सहायता पहुंचाने में क्रूरता से बाधा डाल रही है.” सोनिया गांधी ने कहा कि दुनिया ने प्रतिक्रिया देने में देरी की है, जिससे इज.राइली कार्रवाइयों को परोक्ष रूप से वैध ठहराया जा रहा है.

उनका कहना है कि कई देशों द्वारा फलस्तीन को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के हालिया कदम स्वागत योग्य हैं और नि्क्रिरयता की नीति से लंबे समय से अपेक्षित प्रस्थान हैं. सोनिया गांधी ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक क्षण है, और न्याय, आत्मनिर्णय और मानवाधिकारों के सिद्धांतों की पुष्टि है. ये कदम केवल कूटनीतिक संकेत नहीं हैं. ये उस नैतिक ज.म्मिेदारी की पुष्टि हैं जो राष्ट्र लंबे समय से चले आ रहे अन्याय का सामना करते समय निभाते हैं. यह याद दिलाता है कि आधुनिक दुनिया में, मौन तटस्थता नहीं है. यह सहभागिता है.”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleराष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच ‘बहुत सकारात्मक’ संबंध हैं: अमेरिकी अधिकारी
Next Article विकास शील छत्तीसग­ढ़ के नये मुख्य सचिव नियुक्त
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Country

वाराणसी में दीपावली पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को सुगंधित फूलों और रोशनी से सजाया गया

October 18, 2025
Country

असम मंत्रिपरिषद का विस्तार, बीपीएफ के विधायक चरण बोरो को शामिल किया गया

October 18, 2025
Country

हाथरस में फर्जी मुठभेड़ में गिरफ्तार दो युवक अंतिम रिपोर्ट लगने के बाद रिहा

October 18, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Our Picks

मेरी भूमिका रक्षात्मक गेंदबाजी करना और विकेट लेना है: सैंटनर

January 29, 2026

रोहित ने कहा टी20 विश्व कप में अर्शदीप और हार्दिक होंगे सफलता की कुंजी

January 28, 2026

आईसीसी टी20: सूर्यकुमार सातवें स्थान पर, अभिषेक शीर्ष पर कायम; ईशान, दुबे और रिंकू ने लगाई लंबी छलांग

January 28, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.