राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के उत्तरी वनांचल क्षेत्रों में कृषि का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। कभी सिर्फ धान और पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने वाले जनजातीय किसान अब उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के जरिए आर्थिक समृद्धि की नई इबारत लिख रहे हैं।
राज्य के जशपुर, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों में नाशपाती, काजू, सेब, स्ट्रॉबेरी, आम और लीची की व्यावसायिक खेती किसानों के लिए आय का मजबूत जरिया बन चुकी है। नाबार्ड, रीड्स (ग्रामीण शिक्षा और विकास समिति) और राज्य उद्यानिकी विभाग के तकनीकी व वित्तीय सहयोग से उत्पादित ये ताजे फल अब स्थानीय बाजारों के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बड़े फल बाजारों में धमक बना रहे हैं।

