राष्ट्रवाणी: डिजिटल टीम, रायपुर। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर को रेलवे के राष्ट्रीय मेगा प्रोजेक्ट के तहत ‘मेगा रेलवे टर्मिनल’ की सौगात मिलने के साथ ही अब दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के संभागीय मुख्यालय बिलासपुर ने भी इस पर अपनी जोरदार दावेदारी पेश कर दी है।
रेलवे बोर्ड द्वारा देश भर के प्रमुख शहरों में ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए मेगा टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में टर्मिनल की स्थापना को लेकर प्रशासनिक मानकों और तकनीकी उपयोगिता पर क्षेत्रीय बहस तेज हो गई है। रेलवे के निर्धारित मापदंडों के अनुसार, मेगा रेलवे टर्मिनल की स्थापना के लिए न्यूनतम 10 लाख की आबादी और एक बड़ा रेलवे जंक्शन होना प्राथमिक पात्रता है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर की मौजूदा आबादी करीब 6.5 लाख है, जो 10 लाख के मानक से कम है। इसके विपरीत नवा रायपुर आगामी वर्षों में नियोजित विस्तार और 10 लाख से अधिक की आबादी के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, बिलासपुर के पक्षधरों का तर्क है कि बिलासपुर देश के सबसे बड़े और सर्वाधिक राजस्व देने वाले रेलवे जोनों में से एक का मुख्यालय है।
यहां पहले से ही व्यापक कोचिंग टर्मिनल, ऑटोमैटिक वाशिंग प्लांट और मेंटेनेंस यार्ड स्थापित हैं। इसके अलावा भौगोलिक दृष्टिकोण से बिलासपुर राज्य के केंद्र में स्थित है, जिससे पूरे प्रदेश के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलती है। भारतीय रेल ने वर्ष 2030 तक ट्रेनों की ओरिजिनेटिंग (प्रस्थान) क्षमता को दोगुना करने के लिए देश भर के 40 प्रमुख शहरों में मेगा टर्मिनल और कोचिंग कॉम्प्लेक्स विकसित करने का मास्टर प्लान तैयार किया है।
इनकी मुख्य उपयोगिता प्रमुख पुराने स्टेशनों पर यात्रियों व ट्रेनों के अत्यधिक दबाव को घटाना, लाइन कंजेशन खत्म करना और ट्रेनों का टर्न-अराउंड समय घटाना है। भविष्य की योजना के तहत इन मेगा टर्मिनलों को वंदे भारत, अमृत भारत और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के आधुनिक रखरखाव के अनुकूल डिजाइन किया जा रहा है।
रेलवे अनुमानों के अनुसार प्रत्येक मेगा टर्मिनल के विकास पर 600 करोड़ से 1,200 करोड़ रुपये तक की लागत संभावित है, जिसके तहत देशभर में लगभग 35,000 से 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस विशाल बुनियादी ढांचे के निर्माण और संचालन से निर्माण, लॉजिस्टिक्स, होटल, रिटेल और परिवहन के क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
राज्यवार परिदृश्य में उत्तर प्रदेश (कानपुर, वाराणसी, लखनऊ), महाराष्ट्र (पुणे, मुंबई), तेलंगाना (हैदराबाद), कर्नाटक (बेंगलुरु), गुजरात (अहमदाबाद), तमिलनाडु (चेन्नई) और पश्चिम बंगाल (कोलकाता) जैसे बड़े राज्यों के प्रमुख स्टेशनों को इस सूची में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ में नवा रायपुर (केंद्री) में टर्मिनल निर्माण की कवायद के बीच बिलासपुर के दावों ने रेल विकास की इस महापरियोजना को बेहद रोचक बना दिया है।
