राष्ट्रवाणी (कोरिया ब्यूरो): हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में सिंगापुर लगातार दूसरे साल दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में टॉप पर है, …और पढ़ें जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में Henley Passport Index ने साल 2026 के दुनिया के सबसे पावरफुल पासपोर्ट्स की लिस्ट जारी की है।
ये लिस्ट हर साल दुनियाभर के अलग-अलग देशों के पासपोर्ट की ताकत को आंकता है कि किस देश के नागरिक बिना एडवांस वीजा के कितने देशों में ट्रैवल कर सकते हैं। आइए जानें इस लिस्ट में इस साल किस देश का पासपोर्ट टॉप पर रहा और भारत की क्या रैंकिंग रही। साथ ही, ये भी समझते हैं कि ये रैंकिंग भारतीय ट्रैवलर्स के लिए कैसे मायने रखती है।
अक्टूबर 2026 की इस रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर इस साल भी दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की लिस्ट में टॉप पर है। सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वाले नागरिक दुनियाभर के 193 डेस्टिनेशन्स पर बिना की पूर्व वीजा के ट्रैवल कर सकते हैं। सिंगापुर के बाद दूसरे नंबर पर दक्षिण कोरिया और यूएई हैं, जिनके नागरिकों को 188 देशों में वीजा-फ्री या ऑन अराइवल वीजा एक्सेस मिलता है।
तीसरे नंबर पर स्वीडन रहा और बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी और फ्रांस चौथे स्थान पर रहे। इंडियन पासपोर्ट होल्डर्स भूटान, मलेशिया, थाईलैंड, मॉरीशस, नेपाल, फिजी, बारबाडोस और जमैका जैसे 55 देशों में बिना वीजा के ट्रैवल कर सकते हैं। हालांकि, इनमें से कई जगहों पर यात्रियों को वीजा ऑन अराइवल या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन लेनी पड़ सकती है।
इसलिए ट्रैवल करने से पहले उस देश की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों को अच्छी तरह पढ़ लें, ताकि बाद में आप किसी परेशानी में न फंसें। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स इस लिस्ट को बनाने के लिए इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोशियएशन के डेटा का आंकलन करता है। इस लिस्ट में 199 पासपोर्ट्स और 227 ट्रैवल डेस्टिनेशन्स को शामिल किया जाता है।
हर डेस्टिनेशन को 1 और 0 स्कोर दिए जाते हैं। जिस जगह पर किसी देश के नागरिकों को जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती या वहां पहुंचकर वीजा ऑन अराइवल, विजिटर्स परमिट या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथोराइजेशन मिल जाता है, उसके लिए 1 स्कोर दिया जाता है। वहीं, जिस डेस्टिनेशन के लिए वीजा पहले अप्लाई करना पड़ता है या जाने के पहले ई-वीजा लेना पड़ता है, उसके लिए 0 स्कोर दिया जाता है।
इन स्कोर को जोड़कर फाइनल स्कोर तय किया जाता है। जिस देश के पास जितने ज्यादा स्कोर होते हैं, उसका पासपोर्ट उतना ज्यादा मजबूत माना जाता है। साथ ही, जिन देशों का स्कोर बराबर होता है, उन्हें एक ही रैंक दिया जाता है।
मजबूत पासपोर्ट का मतलब है कि आपको वीजा अप्लाई करने के लंबे प्रोसेस से नहीं गुजरना पड़ेगा। आप लास्ट मिनट भी आसानी से ट्रिप प्लान कर सकते हैं। इसके अलावा, वीजा अप्लाई करने की फीस और डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन में लगने वाला समय बचता है।
ये ग्लोबल इंडेक्स यात्रियों को समझने में मदद करती है कि वो किन देशों में बिना वीजा के या ऑन अराइवल वीजा के ट्रैवल कर सकते हैं।
