राष्ट्रवाणी: How To Fix Low Flame On Gas Stove: गैस चूल्हे की लौ कम हो जाए तो खाना बनाने में समय ज्यादा लगने लगता है. कई बार बर्नर की लौ एक तरफ तेज और दूसरी तरफ धीमी दिखाई देती है, तो कभी गैस जलने के बाद उसका रंग भी सामान्य से अलग नजर आता है. ऐसी परेशानियों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, क्योंकि गैस की लौ से जुड़ी समस्या सिर्फ खाना बनाने की स्पीड को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह गैस स्टोव की सही सिस्टम से भी जुड़ी होती है. अक्सर कम लौ आने की वजह कोई बड़ी खराबी नहीं, बल्कि बर्नर के छेदों में जमा तेल, खाने के छोटे कण और गंदगी होती है. नियमित सफाई न होने पर ये छेद धीरे-धीरे बंद होने लगते हैं और गैस का फ्लो प्रभावित होता है. ऐसे में बर्नर की सही तरीके से सफाई करके समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. ठीक तरह से काम करने वाले गैस स्टोव में लौ आमतौर पर स्थिर और नीली दिखाई देती है. लौ की ऊंचाई भी लगभग एक जैसी रहती है और गैस जलते समय बहुत ज्यादा आवाज नहीं आती. नीली लौ इस बात का संकेत होती है कि गैस सही तरीके से जल रही है. अगर लौ पीली या नारंगी दिखाई दे रही है, तो यह गैस और हवा के सही अनुपात में न मिलने का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में सिर्फ बर्नर को ऊपर से पोंछ देना पर्याप्त नहीं होता. बर्नर की सफाई और उसकी फिटिंग को भी जांचना जरूरी है. गैस बर्नर की लौ कम होने की सबसे आम वजह उसके छोटे-छोटे छेदों का बंद होना है. खाना बनाते समय तेल, दूध, दाल या दूसरी चीजें बर्नर पर गिर सकती हैं. समय के साथ यह गंदगी बर्नर के पोर्ट में जम जाती है और गैस बाहर निकलने की जगह कम हो जाती है. इसके अलावा गैस का दबाव कम होना, गैस सिलेंडर का लगभग खत्म होना या गैस जेट में रुकावट भी कम लौ की वजह बन सकती है. इसलिए सफाई करने से पहले यह देखना भी जरूरी है कि समस्या सिर्फ बर्नर में है या गैस सप्लाई से जुड़ी है. सबसे पहले गैस सप्लाई बंद कर दें और बर्नर को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद बर्नर कैप और ग्रेट को सावधानी से हटाएं. बर्नर हेड को गुनगुने पानी में हल्के डिश सोप के साथ करीब 15 से 20 मिनट तक भिगोकर रखा जा सकता है. अगर तेल की परत ज्यादा जमी है, तो पानी में थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा मिलाने से गंदगी ढीली करने में मदद मिल सकती है. इसके बाद नरम ब्रिसल वाले पुराने टूथब्रश से बर्नर को अच्छी तरह साफ करें. खासतौर पर उन छोटे छेदों पर ध्यान दें जहां से गैस बाहर निकलती है. अगर किसी छेद में गंदगी फंसी हुई है, तो उसे सावधानी से साफ करें. किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करते समय बर्नर के छेद को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखें. सफाई के बाद बर्नर को पानी से अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह सूखने दें. बर्नर में नमी रह जाने पर गैस जलने में परेशानी हो सकती है. कई बार बर्नर साफ होने के बावजूद लौ बराबर नहीं आती. इसकी वजह बर्नर कैप का सही जगह पर न बैठना हो सकती है. कैप अगर थोड़ा भी टेढ़ा या गलत तरीके से रखा है, तो गैस का फ्लो सही नहीं रहता. इसलिए सफाई के बाद बर्नर कैप को उसकी सही जगह पर रखें और देखें कि वह सीधा और बीच में बैठा हुआ है. अगर एक तरफ ज्यादा लौ और दूसरी तरफ बहुत कम लौ आ रही है, तो सबसे पहले इसकी पोजिशन जांचें. अगर सफाई के बाद भी लौ पीली या नारंगी बनी रहती है, तो गैस और हवा के मिक्स में समस्या हो सकती है. बर्नर कैप की सफाई और उसकी पोजिशन ठीक करने के बाद भी अगर रंग सामान्य नहीं होता, तो गैस स्टोव के एयर इनटेक या दूसरे हिस्सों की जांच की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे हिस्सों को खुद खोलकर एडजस्ट करने के बजाय एक्सपर्ट की मदद लेना बेहतर है, खासकर अगर आपको गैस कनेक्शन या स्टोव के अंदरूनी हिस्सों की जानकारी नहीं है. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
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