राष्ट्रवाणी: मोरिंगा का पौधा बालकनी में गमले में आसानी से उगाया जा सकता है, जिसके लिए सही गमला, मिट्टी, धूप और पानी का संतुलन जरूरी है। बालकनी में कैसे उगाएं मोरिंगा? (एआई Generated Image) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।
मोरिंगा, जिसे सहजन भी कहते हैं, के पौधे की हर चीज सेहत के लिए फायदेमंद होती है। इसलिए अगर आप चाहें, तो इसका पौधा अपनी बालकनी में उगा सकते हैं। मोरिंगा का पौधा उगाना बहुत मुश्किल नहीं है और गमले में भी इसे आसानी से उगाया जा सकता है।
आइए जानें घर की बालकनी में मोरिंगा का पौधा कैसे उगाएं और किन बातों का ध्यान रखें, ताकि पौधा हरा-भरा रहे। बालकनी के लिए कम से कम 18-24 इंच चौड़ा और गहरा गमला चुनें, ताकि मोरिंगा के पौधे की जड़ें काफी गहराई तक पुहंचें। छोटे गमले में पौधा अच्छी तरह उग नहीं पाएगा और जल्दी सूख भी जाएगा।
इसके साथ ही, पौधे के लिए सही मिट्टी चुनना भी काफी जरूरी है। मिट्टी में 50% सामान्य गार्डन की मिट्टी, 30% वर्मीकंपोस्ट और 20% कोकोपिट मिलाकर गमले के लिए मिट्टी तैयार करें। मोरिंगा का पौधा आप चाहें, तो बीज के इस्तेमाल से भी उगा सकते हैं या नर्सरी से छोटा पौधा लाकर भी गमले में बो सकते हैं।
मोरिंगा के पौधे को भरपूर मात्रा में धूप की जरूरत होती है। इसलिए बालकनी में ऐसी जगह चुनें, जहां सीधी धूप आती हो और पौधे को कम से कम 5-6 घंटे की धूप मिले। अगर आप बीज से पौधा उगा रहे हैं, तो मिट्टी में लगभग एक इंच गहराई पर बोएं और मिट्टी को गीला करने के लिए थोड़ा पानी छिड़कें।
कुछ ही हफ्तों में बीज अंकुरित हो जाएगा। वहीं, अगर आप नर्सरी से पौधा ला रहे हैं, तो उसे सावधानी से गमले की मिट्टी में बोएं। इस दौरान जड़ों को नुकसान न हो इसका खास ध्यान रखें।
मोरिंगा के पौधे के सही विकास के लिए पानी देते समय सही सावधानी बरतना जरूरी है। पौधे को कभी भी इतना पानी न दें कि गमला पानी से भर जाए। मोरिंगा के पौधे में तभी पानी दें, जब मिट्टी ऊपर से सूखी हो।
ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं, जिससे पौधा मर जाता है। इसके साथ ही, इस बात का ध्यान रखें कि गमले में नीचे छेद हो, जिससे एक्स्ट्रा पानी बाहर निकल जाए। मोरिंगा का पौधा बड़ा होकर पेड़ बन जाता है।
बालकनी में ये मुमकिन नहीं है। इसलिए इसकी नियमित रूप से कटाई-छंटाई जरूरी है, ताकि इसका पौधा घना बने और बहुत लंबा न हो जाए। जब पौधा 2-3 फीट का हो जाए, तो उसके ऊपरी हिस्से को काट दें।
इससे पौधा लंबा होने के बजाय घना होगा। मोरिंगा के पौधे को बढ़ने के लिए खाद की जरूरत होती है। हर दो महीने पर वर्मीकंपोस्ट या गोबर की खाद पौधे की मिट्टी में मिलाएं।
साथ ही, महीने में एक बार नीम ऑयल का भी छिड़काव करें। हालांकि, मोरिंगा के पौधे में आसानी से कीड़े नहीं लगते, लेकिन फिर भी जब पेड़ छोटा होता है, तो कुछ कीड़े इस पर हमला कर सकते हैं। इसलिए नीम के तेल की छिड़काई करें।
इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी बालकनी में मोरिंगा का पौधा उगा सकते हैं।

