राष्ट्रवाणी: नए सर्वे के अनुसार, Gen-Z भले ही मौजूदा नौकरी को ड्रीम जॉब मानते हों, लेकिन औसतन 13 महीने ही एक जगह टिकते हैं। नौकरी में कम टिक रहे हैं जेन-जी (Image Source: एआई Generated) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जेन-जी बीते कुछ समय से अपनी भाषा और बर्ताव को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं, लेकिन इस बार बात उनकी ड्रीम जॉब की होगी।
जी हां, हाल ही में आया एक सर्वे बताता है कि जेनरेशन-जेड बड़े पद का ख्वाब तो देखती है, पर यही उनके जीवन का आखिरी और इकलौता लक्ष्य नहीं। पहले की पीढ़ियों को ऐसा लगता था कि वेल सेटल या स्टेबल होने का मतलब एक जगह टिके रहना है, लेकिन जेन-जी की सोच इससे बहुत अलग है। हालांकि, रैंडस्टैड की स्टडी कहती तो है कि 77% जेन-जी अपनी मौजूदा नौकरी को अपनी ड्रीम जॉब के अनुरूप मानते हैं, लेकिन इसके बावजूद वो औसतन एक जॉब में 13 महीने तक ही टिक रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 37% जेन-जी सालभर में ही नौकरी छोड़ने का मन बना लेते हैं। जबकि मिलेनियल्स 18 महीने और जेनरेशन एक्स 28 महीने तक किसी नौकरी में टिके रहते हैं। डेलॉइट का भारतीय सर्वे कहता है कि जेन-जी को भले ही बड़ा पद चाहिए, लेकिन यह उनकी जिंदगी का अकेला लक्ष्य नहीं है।
इसमें करीब 96% जेन-जी ने बड़ी पोस्ट पाने में दिलचस्पी दिखाई, इनमे सिर्फ 9% लोग ऐसे थे जिनके लिए बड़ा पद जिंदगी का मेन गोल था। ये सर्वे कहते है कि हर तीसरा जेन-जी अपने आप को एआई मास्टर बनाने की तैयार में जुटा हुआ है। आंकड़ों की बात करें तो इनमें से 32% जेन-जी एआई ट्रेनिंग ले चुने हैं, 54% युवा ट्रेनिंग लेने की तैयारी में हैं, 29% युवा आर्थिक रूप से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो 54% जेन-जी अपनी आर्थिक स्थिति के चलते इस फैसले को टालते जा रहे हैं।
रैंडस्टैड वर्कमॉनिटर की माने तो जेन-जी के लिए जॉब चुनना और उसमें टिके रहने की अलग-अलग वजहें हैं। इनमें 81% लोग ऐसे थे जिनके लिए जॉब में सैलरी सारी चीजों से ऊपर थी। जबकि 57% जेन-जी जॉब इसलिए कर रहे हैं, ताकि वो वर्क लाइफ बैलेंस को मैनेज कर पाएं।
वहीं, 14% जेन-जी के लिए जॉब सिक्योरिटी बाकी सभी चीजों से ऊपर है। इसके अलावा, डेलॉइट की स्टडी कहती है कि देश में 60% जेन-जी और मिलेनियल्स के करियर में घर की कीमत के साथ किराया भी उनके फैसलों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।

