राष्ट्रवाणी: Why Do I Smell After Bathing: नहाने के बाद कुछ लोगों के शरीर से काफी देर तक अच्छी खुशबू आती रहती है, जबकि कुछ लोगों के मामले में थोड़ी देर बाद ही फ्रेशनेस गायब हो जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप शरीर की सफाई ठीक से नहीं करते. इसके पीछे आपकी त्वचा, पसीने और त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया का सीधा संबंध होता है. नहाने के बाद शरीर साफ और फ्रेश महसूस होता है, लेकिन कुछ समय बाद पसीना आना शुरू हो जाता है. इसके साथ ही शरीर पर मौजूद बैक्टीरिया फिर से एक्टिव हो जाते हैं और धीरे-धीरे शरीर की गंध बदलने लगती है. ऐसे में सिर्फ नहाना ही काफी नहीं होता, बल्कि नहाने के बाद की कुछ आदतें भी काफी फर्क डालती हैं. अक्सर लोग मानते हैं कि पसीने की वजह से ही शरीर से बदबू आती है, लेकिन पसीना खुद गंधहीन होता है. इसमें मुख्य रूप से पानी के साथ थोड़ी मात्रा में नमक और प्रोटीन होता है. बदबू तब पैदा होती है, जब पसीना त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है. हमारे शरीर में दो तरह की स्वेट ग्लैंड्स होती हैं. एक्राइन ग्लैंड्स शरीर के ज्यादातर हिस्से में होती हैं और एक्सरसाइज या गर्मी के दौरान निकलने वाला पानी जैसा पसीना पैदा करती हैं. वहीं एपोक्राइन ग्लैंड्स खासतौर पर बगल और ग्रोइन जैसे हिस्सों में ज्यादा होती हैं. इनसे निकलने वाला पसीना थोड़ा गाढ़ा और प्रोटीन से भरपूर होता है. जब त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया इस प्रोटीन को तोड़ते हैं तो फैटी एसिड और अमोनिया जैसे कंपाउंड बनते हैं. यही शरीर से आने वाली गंध की बड़ी वजह बनते हैं. नहाने के बाद भी जल्दी क्यों लौट आती है शरीर की गंध?
नहाने से पसीना और त्वचा की सतह पर मौजूद बैक्टीरिया कुछ समय के लिए कम हो जाते हैं. लेकिन इससे गंध पैदा करने वाली पूरी प्रक्रिया खत्म नहीं होती. नहाने के बाद जैसे ही शरीर दोबारा गर्म होता है, पसीना निकलना शुरू हो जाता है. त्वचा की परतों और बालों के आसपास मौजूद बैक्टीरिया भी पूरी तरह खत्म नहीं होते. ऐसे में ताजा पसीना आने के बाद वे दोबारा एक्टिव हो सकते हैं. गर्म और उमस वाले मौसम में यह प्रक्रिया और जल्दी हो सकती है. तनाव भी इसमें भूमिका निभा सकता है, क्योंकि स्ट्रेस के दौरान निकलने वाला पसीना ज्यादा गाढ़ा और गंध पैदा करने वाला हो सकता है. नहाने के लिए सही बॉडी वॉश चुनना जरूरी अगर नहाने के बाद शरीर को लंबे समय तक फ्रेश रखना चाहते हैं तो बॉडी वॉश का चुनाव भी मायने रखता है. बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग क्लेंजर त्वचा की नेचुरल बैरियर को प्रभावित कर सकता है. वहीं ऐसा क्लेंजर जो सिर्फ त्वचा की सतह पर रह जाए और ठीक से सफाई न करे, वह भी ज्यादा मदद नहीं करता. ऐसे में ऐसा क्लेंजर बेहतर रहता है जो त्वचा से पसीना और गंदगी साफ करे, लेकिन त्वचा की नेचुरल बैरियर को ज्यादा प्रभावित न करे. नहाने के बाद बॉडी मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें नहाने के बाद शरीर पर मॉइस्चराइजर लगाना एक ऐसी आदत है जिसे कई लोग छोड़ देते हैं. लेकिन त्वचा को मॉइस्चराइज रखने से उसकी बैरियर को सपोर्ट मिलता है. नहाने के तुरंत बाद, जब त्वचा हल्की गर्म और नम हो, तब बॉडी मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है. इससे त्वचा में नमी लॉक करने में मदद मिलती है. नहाने के करीब दो मिनट के अंदर मॉइस्चराइजर लगाने से इसका फायदा बेहतर तरीके से मिल सकता है. दिनभर फ्रेश रहने के लिए इन छोटी बातों का रखें ध्यान नहाने के बाद शरीर की खुशबू लंबे समय तक बनाए रखने के लिए कपड़ों का चुनाव भी जरूरी है. कॉटन और लिनेन जैसे सांस लेने वाले फैब्रिक पसीने को जल्दी सूखने में मदद करते हैं. वहीं सिंथेटिक कपड़े नमी को त्वचा के पास रोक सकते हैं. शरीर में पानी की कमी होने पर पसीने में मौजूद कंपाउंड ज्यादा कंसंट्रेट हो सकते हैं, जिससे गंध तेज हो सकती है. इसलिए पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है. अगर अगले दिन कोई खास मीटिंग या इवेंट है तो उससे एक रात पहले लहसुन, प्याज और कुछ खास सब्जियों जैसे ज्यादा सल्फर वाले खाने को कम करना मददगार हो सकता है. सोनम एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. यहां वह लाइफस्टाइल कैटिगरी और इसके अंतर्गत आने वाली सब-कैटिगरीज हेल्थ, होम टिप्स, रिलेशनशिप, ट्रैवल, पैरेंटिंग, ब्यूटी और फैशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. सोनम करीब 15 साल से लेखन की दुनिया में कार्यरत हैं. इससे पहले वह , के आईनेक्स्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. सोनम ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

