नयी दिल्ली: मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि आने वाले वर्षों में परिसंपत्ति वर्ग के रूप में सोने की प्रासंगिकता बढ़ेगी। उन्होंने आईजीपीसी – आईआईएमए वार्षिक स्वर्ण और स्वर्ण बाजार सम्मेलन 2025 में कहा कि सोना न केवल मूल्य के रूप में, सांस्कृतिक और धार्मिक उद्देश्यों के रूप में, बल्कि एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो विविधीकरण तंत्र के रूप में भी प्रासंगिक बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि जब तक कि दुनिया मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक गैर-प्रणाली से अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली तक पहुंचने में सक्षम नहीं हो जाती, तब तक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में सोने का महत्व बना रहेगा।

पिछले तीन महीनों में सोने का मूल्य 200 डॉलर प्रति औंस या आठ प्रतिशत से अधिक बढकर 2,860 डॉलर प्रति औंस हो गया है। नागेश्वरन ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत अपने पास मौजूद सोने की परिसंपत्तियों को उत्पादक रूप से उपयोग करने के तरीके खोजेगा।

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