ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रसायन के एक गोदाम में आग लगने से 16 लोगों की मौत होने के एक दिन बाद, बुधवार को भी वहां से धुएं का गुबार उठ रहा है। ‘द डेली स्टार’ अखबार की खबर के अनुसार, अग्निशमन अधिकारियों ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन पूरी तरह से बुझाया नहीं गया है।

ढाका के रूपनगर इलाके में चार मंजिला कपड़ा फैक्ट्री और रसायन के एक गोदाम में आग लगने से मंगलवार को कम से कम 16 श्रमिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अखबार के अनुसार, जले हुए गोदाम की इमारत से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण बगल की एक कपड़ा फैक्टरी के कई श्रमिक आज सुबह ड्यूटी पर आने के बाद बीमार पड़ गए। उन्होंने यह भी बताया कि जली हुई इमारत से अभी भी धुआं निकलता देखा जा सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि भारी धुएं और रसायनों की मौजूदगी के कारण बचाव दल को अंदर अभियान चलाने में कठिनाई हो रही है।
आस-पास के कारखानों के कई मज़दूर अपनी इमारतों के बाहर देखे गए, और धुएं के कारण बीमार होने की शिकायत कर रहे थे।
अखबार के अनुसार, उसी इलाके में स्थित के-टेक्स इंडस्ट्रीज की 25 वर्षीय महिला मज़दूर ने बताया कि उसकी फ़ैक्टरी सिफऱ् दो घंटे काम होने के बाद बंद कर दी गई।

उसने बताया, ‘‘हम सुबह लगभग आठ बजे फ़ैक्टरी पहुंचे और करीब दस बजे तक काम किया। उसके बाद, अधिकारियों ने पास की राइंिजग फ़ैशन फ़ैक्टरी के मज़दूरों के ज़हरीले धुएं में सांस लेने से बीमार पड़ने की सूचना मिलने के बाद आज के लिए फ़ैक्टरी बंद कर दी।’’ बांग्लादेश में औद्योगिक आपदाओं का इतिहास रहा है। पिछली औद्योगिक त्रासदियों के लिए अक्सर सुरक्षा चूक को ज़म्मिेदार ठहराया गया है।

वर्ष 2021 में, बांग्लादेश में खाद्य पदार्थ की एक फ़ैक्टरी में आग लग गई थी, जिसमें कम से कम 52 लोग मारे गए। फ़रवरी 2019 में, ढाका में अपार्टमेंट, दुकानों और गोदामों वाले 400 साल पुराने इलाके में आग लग गई और कम से कम 67 लोग मारे गए।
इससे पहले 2012 में, ढाका की एक कपड़ा फैक्टरी में आग लगने से लगभग 117 मज़दूरों की मौत हो गई थी।

बांग्लादेश की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा 2013 में हुई, जब ढाका के बाहर राना प्लाज़ा कपड़ा फैक्टरी के ढहने से 1,100 से ज्Þयादा लोग मारे गए। वर्ष 2010 में, पुराने ढाका में एक घर में अवैध रूप से रखे रसायनों के भंडार में लगी आग में कम से कम 123 लोग मारे गए थे।

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