नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नये मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ”बच्चों की तरह रो रही है”, जबकि कोई नियम या कानून नहीं तोड़ा गया है.

राहुल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का नये मुख्य निर्वाचन आयुक्त के चयन का फैसला मध्यरात्रि को लेना ”अपमानजनक” और ”अशिष्टतापूर्ण” है, जबकि चयन की प्रक्रिया को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है. सरकार ने सोमवार देर रात ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक के कुछ ही घंटे बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार से मामले में उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के मद्देनजर नये मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर अपना फैसला टालने को कहा.

प्रधान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कांग्रेस पार्टी ने अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए अपनी सुविधानुसार संविधान को कुचला. कांग्रेस ने बाबा साहेब आंबेडकर का उपहास और अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा, फिर भी कांग्रेस के युवराज में बाबा साहेब और हमारे संस्थापक नेताओं के आदर्शों को कायम रखने का श्रेय लेने का दुस्साहस है.” उन्होंने सवाल किया, “राहुल गांधी का यह नया तमाशा सीईसी की नियुक्ति पर विवाद पैदा करने और दुष्प्रचार करने का एक और प्रयास है. क्या राहुल गांधी भूल गए हैं कि कांग्रेस के शासन के दौरान निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति कैसे की जाती थी? दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने चयन प्रणाली में सुधार के लिए कुछ क्यों नहीं किया?”

शिक्षा मंत्री ने दावा किया, “वास्तव में, यह पहली बार है कि संसद में पारित कानून के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति की गई है. यह हमारी सरकार है, जिसने सीईसी और निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के लिए एक संयुक्त प्रणाली बनाई है, जिसमें विपक्ष का नेता भी शामिल है. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी किसी नियम/कानून का उल्लंघन न होने के बावजूद रोना-धोना मचाए हुए हैं.”

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