नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और फिलीपीन अपनी मर्जी से मित्र और नियति से साझेदार हैं. उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की, जब दोनों देशों ने आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाते हुए अपने सशस्त्र बलों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया.
प्रधानमंत्री मोदी और फिलीपीन के राष्ट्रपति र्फिडनेंड आर मार्कोस जूनियर के बीच यहां संपन्न द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की. इससे एक दिन पहले दोनों देशों की नौसेनाओं ने फिलीपीन तट पर संयुक्त अभ्यास किया था.
मोदी ने मार्कोस की मौजूदगी में कहा, ह्लभारत और फिलीपीन अपनी मर्जी से मित्र और नियति से साझेदार हैं. हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक, हम साझा मूल्यों के तहत एकजुट हैं. हमारी दोस्ती केवल अतीत की साझेदारी नहीं है, यह भविष्य के लिए एक वादा है.ह्व भारत और फिलीपीन ने नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें रणनीतिक साझेदारी की घोषणा एवं कार्यान्वयन, दोनों देशों की सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच वार्ता के लिए संदर्भ की शर्तें तथा बा’ अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर सहयोग शामिल है.
मोदी ने कहा कि फिलीपीन भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और ‘महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) दृष्टिकोण में एक अहम साझेदार है. उन्होंने कहा, ह्लहम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं.ह्व मोदी ने कहा, ह्लयह खुशी की बात है कि आज हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला लिया है. इस साझेदारी की संभावनाओं को नतीजों में बदलने के लिए एक व्यापक कार्य योजना भी तैयार की गई है.ह्व भारत और फिलीपीन दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. इस अवसर पर मोदी और मार्कोस ने एक डाक टिकट जारी किया.
मोदी ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने के लिए फिलीपीन सरकार का आभार जताया. पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी. मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंध गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक हैं.
उन्होंने कहा, ह्लसमुद्र से घिरे देशों के रूप में, भारत और फिलीपीन के बीच समुद्री सहयोग स्वाभाविक और आवश्यक दोनों है. हम मानवीय सहायता, आपदा राहत, खोज एवं बचाव के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं.ह्व प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास साझेदारी के तहत भारत फिलीपीन में त्वरित प्रभाव परियोजनाओं की संख्या बढ़ाएगा और संप्रभु डेटा क्लाउड अवसंरचना के विकास में भी सहयोग करेगा.
उन्होंने कहा, ह्लआज जब (फिलीपीन के) राष्ट्रपति भारत में हैं, तब भारतीय नौसेना के तीन जहाज पहली बार फिलीपीन में किसी नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं.ह्व मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और तीन अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है.
उन्होंने कहा, ह्लव्यापार संबंधों को और मजबूत करने के लिए, भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की जल्द से जल्द समीक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. हमने द्विपक्षीय अधिमान्य व्यापार समझौते की दिशा में काम करने का भी फैसला लिया है.ह्व मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियां सूचना एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, बुनियादी ढांचे और खनिज क्षेत्रों में सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, विषाणु विज्ञान से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग’ (3-डी प्रिटिंग) तक, संयुक्त अनुसंधान किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग योजना इस साझेदारी को गति प्रदान करेगी.
दक्षिण चीन सागर में शांति में भारत की स्थायी रुचि है: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण चीन सागर पर भारत का रुख स्पष्ट एवं सतत है तथा वह उसे वैश्विक साझा क्षेत्र मानता है. फिलीपीन के राष्ट्रपति र्फिडनेंड आर मार्कोस जूनियर की वर्तमान भारत यात्रा को लेकर यहां आयोजित एक विशेष प्रेसवार्ता के दौरान पूछे गए सवाल के उत्तर में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत की “स्थायी रुचि” है. कुमारन से फिलीपीन के तट के पास हाल ही में हुए भारत-फिलीपीन द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के बारे में पूछा गया था. खबरों के अनुसार, यह अभ्यास दक्षिण चीन सागर के कुछ हिस्सों में भी हुआ.
