राष्ट्रवाणी: Bilaspur News Update : बिलासपुर. शराब के लिए पैसे नहीं देने पर कार और बाइक में आग लगाने का मामला सामने आया है. दयालबंद इलाके में आरोपी ने पहले थार कार और पैशन बाइक में तोड़फोड़ की और फिर दोनों वाहनों में आग लगा दी. बताया जा रहा है कि आरोपी नशे की हालत में पार्किंग के नाम पर पैसे मांग रहा था और कार मालिक को पहले ही गाड़ी जलाने की धमकी दी थी. मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रियांशु पानीकर और नाबालिग को गिरफ्तार किया है. बिलासपुर. साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले गिरोह का बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से साइबर अपराधियों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराध से संबंधित रकम के लेन-देन के लिए उपलब्ध कराते थे. प्रकरण की जांच के दौरान छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, मंगला शाखा में संचालित एक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन सामने आया. पुलिस के मुताबिक ‘सावरिया इंटरप्राइजेस’ के नाम से संचालित खाते में कुछ ही दिनों के भीतर करीब 12 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि का हस्तांतरण हुआ था. इसके बाद पुलिस ने बैंक खाते का स्टेटमेंट, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, केवाईसी दस्तावेज और अन्य बैंकिंग अभिलेखों की जांच शुरू की. तकनीकी जांच में बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल नंबर, विभिन्न बैंक खातों और आरोपियों के आपसी संपर्कों का विश्लेषण किया गया. जांच के दौरान दो आरोपियों की भूमिका सामने आई. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृत लाल जाट और राहुल जाट (35), निवासी ग्राम घोसला, तहसील महिदपुर, थाना राघवी, जिला उज्जैन, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है. साइबर अपराधी अक्सर कमीशन का लालच देकर लोगों से बैंक खाते खुलवाते हैं और उन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने तथा आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं. ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है. पुलिस जांच में आरोपियों द्वारा बैंक खाते, मोबाइल नंबर और बैंकिंग साधन उपलब्ध कराने के बदले कमीशन लेने की भूमिका सामने आई है. पुलिस अब आरोपियों के संपर्क में रहे अन्य लोगों, बैंक खातों और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है. जांजगीर-चांपा. जिले में स्वाइन फ्लू (एच 1 एन 1) का संक्रमण पैर पसार रहा है. हाल ही में मड़वा क्षेत्र से एक महिला का मामला सामने आया है, जिसकी जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है. राहत की बात यह है कि उसकी हालत स्टेबल है और उसे होम क्वारंटीन रखा गया है. इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जाँच में एक मौत की पुष्टि भी हुई है. जिले में अब तक 6 से ज्यादा संदिग्ध केस मिल चुके हैं, जिनमें से अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर किया गया है. ताजा मामलों में मड़वा क्षेत्र की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इससे पहले रायपुर से बालपुर अपने ससुराल आए एक युवक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी. यहीं नहीं एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है. स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सतर्क है और संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है. बता दें कि स्वाइन फ्लू (एच 1 एन 1) एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस के एक स्ट्रेन के कारण फैलता है और यह बीमारी एक-दूसरे के संपर्क में आने से तेजी से फैलती है. इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, सूखी खांसी और गले में खराश, अत्यधिक थकान और शरीर में दर्द, सिरदर्द, नाक बहना या बंद होना, और कुछ मामलों में उल्टी-दस्त होना शामिल हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से सलाह दी गई है कि यदि किसी को भी तेज बुखार या ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच कराएं. चकरभाठा. हिरीं थाना क्षेत्र में नाबालिग की शादी कराने और पॉक्सो एक्ट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. इस संबंध में हिरीं थाना प्रभारी दामोदर मिश्रा ने बताया कि नाबालिग पीड़िता 2 अगस्त 2026 को प्रसव के लिए सीएचसी बिल्हा में भर्ती हुई थी. अस्पताल प्रबंधन की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान घटना का संबंध हिरीं थाना क्षेत्र से सामने आया. विवेचना में पुलिस ने पाया कि नाबालिग की शादी आरोपी से कराई गई थी. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग की उम्र की जानकारी होने के बावजूद शादी कराई गई. मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया. हिरीं पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 64 (2) (एम), 3 (5) धारा 6 पॉक्सो एक्ट तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धाराओं 9, 10 और 11 के तहत कार्रवाई की है. हिरीं पुलिस ने सभी आरोपियों को 17 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया. कोरबा. लेमरू थाना क्षेत्र के चराईझुन गांव में झरने के पास ग्रामीण का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान 45 वर्षीय रमेश अघरिया के रूप में हुई है. वह अंबिकापुर के दरिमा का रहने वाला था और कुछ दिन पहले अपनी बुआ के घर चराईझुन आया था. जानकारी के मुताबिक, रमेश गुरुवार शाम झरने में नहाने गया था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा. परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की. शुक्रवार सुबह झरने से करीब 200 मीटर दूर उसका शव बरामद हुआ. शव झरने के करीब 30 फीट नीचे बने गड्ढे में फंसा हुआ था. घटना की सूचना मिलने पर लेमरू पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है. ग्रामीण की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद सामने आएगी.
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