बीजिंग. चीन ने मंगलवार को एक सरकारी वित्तीय कंपनी के पूर्व शीर्ष अधिकारी को 1.108 अरब चीनी युआन (लगभग 15.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की रिश्वत लेने के जुर्म में फांसी दे दी. सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की एक खबर के अनुसार ‘चाइना हुआरोंग इंटरनेशनल होंिल्डग्स लिमिटेड’ के पूर्व महाप्रबंधक बाई तियानहुई को रिश्वत लेने के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद फांसी दे दी गई.

सुप्रीम पीपल्स कोर्ट (एसपीसी) की मंजूरी के बाद, उत्तरी चीन के तियानजिन नगर पालिका की एक अदालत ने तियानहुई को फांसी की सजा सुनाई थी. फांसी दिये जाने का यह मामला दुर्लभ था, क्योंकि मृत्युदंड की सजा आपराधिक मामलों में दी जाती है जबकि भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल अधिकारियों को अक्सर यह सजा नहीं सुनाई जाती.

मई 2024 में तियानजिन के नंबर 2 ‘इंटरमीडिएट पीपल्स कोर्ट’ के फैसले के अनुसार, बाई को मौत की सजा सुनाई गई थी. साथ ही जीवनभर के लिए उनके राजनीतिक अधिकार छीन लिए गए थे और उनकी सारी निजी संपत्ति जब्त कर ली गई थी.
बाई ने सजा के खिलाफ अपील की, लेकिन फरवरी 2025 में तियानजिन के उच्च न्यायालय ने उनकी अपील खारिज कर दी.
‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार मामले की समीक्षा करते हुए, एसपीसी ने पाया कि बाई ने 2014 और 2018 के बीच परियोजना अधिग्रहण और कॉर्पोरेट वित्तपोषण जैसे मामलों में दूसरों की सहायता करने के लिए अपने विभिन्न पदों का लाभ उठाया था और अवैध रूप से कुल 1.108 अरब चीनी युआन (लगभग 15.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की रिश्वत स्वीकार की थी.

एसपीसी ने माना कि बाई द्वारा किए गए अपराध अत्यंत गंभीर थे, क्योंकि रिश्वत की कुल राशि बहुत बड़ी थी और परिस्थितियां विशेष रूप से गंभीर थीं जबकि इन अपराधों का सामाजिक प्रभाव अत्यंत प्रतिकूल रहा है और देश तथा लोगों के हितों को बहुत नुकसान पहुंचा है. वर्ष 2012 में सत्ता में आने के बाद से चीन के राष्ट्रपति शी चिनंिफग ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को अपने शासन का मुख्य मुद्दा बनाया है. सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस अभियान में दो रक्षा मंत्रियों और कई सैन्य अधिकारियों समेत दस लाख से अधिक पार्टी पदाधिकारियों पर मुकदमा चलाया गया और दंडित किया गया.

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