रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना’ को बुधवार को मंजूरी दे दी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इस योजना के तहत 18 से 42 सीटों की क्षमता वाले हल्के और मध्यम यात्री मोटर वाहनों को अनुमति दी जाएगी. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में इस निर्णय को अंतिम रूप दिया गया. राज्य और जिला स्तर पर समितियां गठित कर नये ग्रामीण बस रूट निर्धारित किए जाएंगे.

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के स्थानीय निवासियों को इस योजना का लाभ मिलेगा और अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाएं तथा नक्सल प्रभावित व्यक्ति इसमें प्राथमिकता पाएंगे. चयन प्रक्रिया निविदा के माध्यम से की जाएगी.
साव ने कहा कि पहले अनुमति जारी होने की तिथि से अगले तीन वर्षों तक संबंधित वाहन मालिक को मासिक कर से छूट दी जाएगी. इसके अतिरिक्त, वाहनों को पहले वर्ष ?26 प्रति किलोमीटर, दूसरे वर्ष ?24 और तीसरे वर्ष ?22 प्रति किलोमीटर की विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी.

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत दृष्टिबाधित, दोनों पैरों से दिव्यांग, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, एड्स रोगियों और उनके एक सहायक को बस यात्रा में पूर्ण किराया छूट मिलेगी, जबकि नक्सल प्रभावित लोगों को पचास प्रतिशत किराया देना होगा.

मंत्रीमंडल ने नवा रायपुर, अटल नगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 10.023 एकड़ भूमि नि:शुल्क आवंटित करने को भी मंजूरी दी. साव ने कहा कि यह संस्थान राज्य में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version