नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक पर चुनाव जीतने के लिए भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए सोमवार को दावा किया कि विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध करने के साथ देश की अन्य भाषाओं का भी विरोध कर रही है।

दुबे ने लोकसभा में शून्यकाल में कहा, ‘‘द्रमुक पार्टी केवल भावना भड़काने का काम कर रही है। तमिल पुरानी भाषा है, लेकिन संस्कृत उससे भी पुरानी भाषा है। देश के किसी भी मंदिर में चले जाएं, तमिल, तेलुगु, कन्नड किसी भी भाषा वाले क्षेत्र में चले जाएं, सभी मंदिरों में आज भी पूजा संस्कृत में ही होती है।’’

द्रमुक द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और केंद्र की त्रिभाषा नीति का विरोध किए जाने की पृष्ठभूमि में भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘ये (द्रमुक) चुनाव हारने के डर से एनईपी का और परिसीमन का विरोध कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि 1973 में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सीटें बढ़ाईं, लेकिन तमिलनाडु में सीटें नहीं बढ़ाई, उसके बावजूद उसके साथ द्रमुक सरकार चला रही है।

दुबे ने कहा कि द्रमुक राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रही है और तेलुगु, मैथिली, संथाली, कन्नड समेत अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह पार्टी देश के तानेबाने को तोड़ना चाहती है और अंग्रेजी को लागू करना चाहती है। यह केवल चुनाव जीतने के लिए भावना भड़का रही है।’’

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version