मैदान पर बल्ला चले या न चले, लेकिन अदालत के चक्कर काटने में हमारे क्रिकेटर्स सबसे आगे हैं। भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अचानक दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। वजह? उन्हें अपनी ‘पर्सनालिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकार) और प्राइवेसी की चिंता सता रही है। पिछले 24 घंटों में यह अजीबोगरीब खबर हेडलाइंस में बनी हुई है कि अभिषेक ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि कोई भी उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, तस्वीर या किसी भी पर्सनल पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल न करे। फैंस हैरान हैं कि जहां एक तरफ टीम इंडिया इंग्लैंड में बुरी तरह पिट रही है, वहां इन खिलाड़ियों का पूरा ध्यान अपनी ब्रांड वैल्यू और अदालत के मुकदमों पर लगा हुआ है।
कानूनी गलियारों में इस याचिका को लेकर सरगर्मी तेज है। अभिषेक शर्मा का मानना है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण कई कंपनियां और सोशल मीडिया हैंडल उनके नाम का गलत फायदा उठा रहे हैं। लेकिन जनता सोशल मीडिया पर पूछ रही है कि भाई साहब, पहले मैदान पर रन तो बना लो, पर्सनालिटी तो अपने आप सुरक्षित हो जाएगी! ट्रेंट ब्रिज में सस्ते में आउट होने के तुरंत बाद इस तरह की अदालती खबरों का आना फैंस के घाव पर नमक छिड़कने जैसा है। क्रिकेट के पंडित भी मान रहे हैं कि आधुनिक क्रिकेटर्स का ध्यान खेल से ज्यादा अपनी पीआर इमेज और लीगल सिक्योरिटी पर केंद्रित हो चुका है, जो खेल की मूल भावना के खिलाफ है।
