नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला ने उद्योग जगत के 10 भागीदारों को नौ प्रणालियों की प्रौद्योगिकियां हस्तांतरित की हैं. रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बयान में कहा कि इन प्रौद्योगिकियों में एक माउंटेड गन प्रणाली और एक आतंकवाद-रोधी वाहन (ट्रैक्ड संस्करण) शामिल हैं.

शनिवार को वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (वीआरडीई) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत की उपस्थिति में लाइसेंसिंग समझौते सौंपे गए. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की भागीदारी के साथ एक मजबूत रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में स्थित डीआरडीओ प्रयोगशाला वीआरडीई ने 10 उद्योग भागीदारों को नौ प्रणालियों की प्रौद्योगिकियों को स्थानांतरित करके एक बड़ा कदम उठाया है.

उद्योग को हस्तांतरित प्रौद्योगिकियों में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु (सीबीआरएन) रेकी वाहन (ट्रैक्ड) एमके-2 (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड); माउंटेड गन सिस्टम (भारत फोर्ज लिमिटेड); और आतंकवाद विरोधी वाहन – ट्रैक्ड संस्करण (मेटलटेक मोटर बॉडीज प्राइवेट लिमिटेड) शामिल हैं. बयान में साझा की गई प्रौद्योगिकियों की सूची के अनुसार, मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) अर्जुन एमके-1ए के लिए 70 टन टैंक ट्रांसपोर्टर के पूर्ण ट्रेलर की प्रौद्योगिकी चार उद्योग भागीदारों को हस्तांतरित की गई है.

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