राष्ट्रवाणी: भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के तहत, भारत ने यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क में भारी कटौती का प्रस्ताव दिया है, जिससे देश में प्रीमियम यूरोपीय कारें सस्ती हो जाएंगी।। भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत, ड्यूटी में भारी कटौती का प्रस्ताव भारत ने यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क में कटौती का प्रस्ताव दिया।
यूरोपीय कारें भारत में सस्ती हो जाएंगी, प्रीमियम सेगमेंट को लाभ। EU भारतीय कारों के लिए टैरिफ- फ्री एक्सपोर्ट कोटा बढ़ाएगा। नई दिल्ली।
देश में आने वाले दिनों में प्रीमियम यूरोपियन कारें (European Cars) सस्ती हो जाएंगी। दरअसल, भारत ने प्रस्तावित भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत, ड्यूटी में भारी कटौती करके यूरोपीय कार बनाने वाली कंपनियों के लिए अपने सुरक्षित पैसेंजर-व्हीकल मार्केट के दरवाज़े और ज़्यादा खोलने का प्रस्ताव दिया है।
इससे Mercedes-Benz, BMW, Volkswagen जैसी यूरोपीय कंपनियों की गाड़ियां भारत में काफी सस्ती हो जाएंगी। हालांकि, सरकार ने 15,000 यूरो (करीब 13-14 लाख रुपये) से कम कीमत वाली कारों को इस छूट से पूरी तरह बाहर रखा है। वहीं दूसरी ओर, ब्रसेल्स भारतीय कार निर्माताओं को ज़्यादा लिबर कोटा के साथ ड्यूटी-फ्री एक्सपोर्ट का कहीं बड़ा मौका दे रहा है।
EU की ओर से जारी FTA की जांच के बाद सामने आई जानकारी से पता चलता है कि भारत पहले साल में EU देशों से 1,00,000 तक इंटरनल-कंबशन इंजन (ICE) और हाइब्रिड पैसेंजर कारों के इंपोर्ट की इजाज़त देगा। इन पर 30-35% ड्यूटी लगेगी और यह कोटा धीरे-धीरे बढ़कर 10वें साल तक 1,60,000 गाड़ियों तक पहुंच जाएगा।
पांचवें साल से टैरिफ घटकर 10% हो जाएगा। अभी भारत पैसेंजर गाड़ियों के इंपोर्ट पर 66% से 110% तक ड्यूटी लगाता है। यह समझौता प्रीमियम और ज़्यादा कीमत वाले सेगमेंट में यूरोपीय मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक खास रास्ता बनाता है, जहाँ यूरोपीय ब्रांड्स की पारंपरिक रूप से मज़बूत मौजूदगी रही है।
भारत ने पूरी तरह से अलग-अलग हिस्सों में आने वाली (CKD) गाड़ियों के लिए एक अलग और खास व्यवस्था की है। इससे यूरोप की बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिल सकता है कि वे पूरी तरह से इंपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय यहीं असेंबली करें।
