राष्ट्रवाणी: भारत ने पहली बार बांग्लादेश को 500 टन हिलसा मछली का निर्यात किया है, जो ऐतिहासिक रूप से बांग्लादेश से …और पढ़ें बांग्लादेश ने भारत से खरीदी हिल्सा मछली बांग्लादेश में उत्पादन घटने से भारत से हिलसा की मांग बढ़ी। गुजरात की अंडे वाली हिलसा बांग्लादेश में अत्यधिक लोकप्रिय हो रही है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत ब्लू इकॉनमी तेजी से आगे बढ़ रही है। हाल ही में भारत ने लगभग 8.46 अरब अमेरिकी डॉलर के सी फूड का निर्यात किया था। अब भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को भी 500 टन मछली का निर्यात किया है।

इसमें उपलब्धी की बात ये है कि हम खुद बांग्लादेश से हिल्सा मछली का आयात करते थे। किसी जमाने में पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के बंगाली परिवारों में बांग्लादेश की ‘पद्मा नदी की हिलसा’ का बेसब्री से इंतजार रहता था। नवरात्रि के दौरान बांग्लादेश अक्सर भारत हिल्सा मछली भेजने के लिए विशेष छूट भी देता था, जानकार बताते हैं कि इसे ‘हिलसा डिप्लोमेसी’ नाम दिया गया था।

अब वही भारत बांग्लादेश को हिल्सा मछली का निर्यात कर रहा है। हिल्सा मछली बांग्लादेश के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है वहां इसकी भारी डिमांड रहती है। इस साल बांग्लादेश में हिल्सा का प्रोडक्शन घट गया है, जिसके बाद बांग्लादेश ने भारत का रुख किया है।

हावड़ा होलसेल फिश इंपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने मीडिया को बताया कि बांग्लादेश ने पहली बार भारत से हिल्सा मछली मंगाई है, वे आमतौर पर बोआल, रोहू, पार्शे और टेंगरा जैसी मछलियां भारत से खरीदते थे। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक पिछले दो महीनों में भारत से करीब 500 टन हिल्सा का निर्यात किया गया है।

आने वाले कुछ हफ्तों में 150-200 टन और मछली भेजे जाने की तैयारी है। कारोबारियों की मानें तो भारत से बांग्लादेश भेजी जा रही हिल्सा का बड़ा हिस्सा गुजरात से आ रहा है। इसे मुख्य रूप से भरूच बंदरगाह के रास्ते बांग्लादेश भेजा जा रहा है, इसके अलावा पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित थोक मछली बाजार के जरिए भी कुछ हिल्सा बांग्लादेश पहुंचाई जा रही है।

गुजरात में मिलने वाली हिल्सा मछली अपने अंडे यानी (Roe) के चलते फेमस है, इसमें काफी मात्रा में रो मौजूद होता है जो देश के अन्य बाजारों से ज्यादा है। हालांकि अंडे वाली हिल्सा की मांग मार्केट कम होती है लेकिन चटगांव और सिलहट जैसे बांग्लादेश के कुछ इलाकों में इसकी भारी डिमांड है, जिसके चलते इसकी बंपर मांग बनी हुई है।

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