लाहौर: मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ता और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने पाकिस्तान की एक अदालत में याचिका दायर कर आतंकवाद वित्तपोषण के मामलों में कई सालों के लिए अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी है। अदालत के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अदालत के अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘सईद और जमात-उद-दावा के कुछ अन्य नेताओं ने लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अनुरोध किया है कि कई वर्षों से आतंकवाद के वित्तपोषण के मामलों में उनकी दोषसिद्धि को रद्द किया जाए।’’

उन्होंने बताया कि लाहौर उच्च न्यायालय की, न्यायमूर्ति शाहबाज रिजवी और न्यायमूर्ति तारिक महमूद बाजवा की दो सदस्यीय पीठ ने याचिका पर सुनवाई तय कर दी है। सुनवाई की तारीख बाद में अधिसूचित की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित सईद को आतंकवाद के वित्तपोषण के मामलों में जुलाई 2019 में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका ने उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था।

सईद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है और उसे कई साल तक आतंक वित्तपोषण के मामलों में दोषी ठहराया गया था। हालांकि इस तरह की अपुष्ट खबरें हैं कि सईद जेल में नहीं है और किसी ‘सुरक्षित पनाहगाह’ में रह रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है जो 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार संगठन है। इन हमलों में 166 लोग मारे गए थे।

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