राष्ट्रवाणी: अगर भारतीयों को अपने दिल को स्वस्थ रखने और हार्ट की बीमारियों से बचने के लिए अपनी किसी एक आदत …और पढ़ें युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट डिजीज के मामले? (Image Source: एआई-Generated) जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।
आजकल कम उम्र में ही लोगों को दिल की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अगर आपसे कहा जाए कि सिर्फ अपनी एक रोजमर्रा की आदत को बदलकर आप अपने दिल को हमेशा के लिए सुरक्षित रख सकते हैं, तो वह आदत क्या होगी? नोएडा के मेदांता अस्पताल में कार्डियक केयर, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. अमित कुमार मलिक ने इस सवाल का बेहद सटीक जवाब दिया है।
डॉ. मलिक के मुताबिक, हमारी सबसे बड़ी समस्या हमारी मौजूदा लाइफस्टाइल है। आज के दौर में लोग घंटों तक कुर्सियों पर बैठकर कंप्यूटर पर काम करते हैं या स्क्रीन्स से चिपके रहते हैं। इसके साथ ही, अनहेल्दी और प्रोसेस्ड खाना खाने का चलन भी तेजी से बढ़ा है।
इस सुस्त रूटीन का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से कम उम्र के युवाओं में भी मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर बीमारियां घर कर रही हैं। डॉक्टर का कहना है कि भारतीयों को जो एक आदत सबसे पहले बदलनी चाहिए, वह है- एक्सरसाइज को अपनी रोज की जिंदगी का जरूरी हिस्सा न बनाना।
जी हां, दिल को स्वस्थ रखने के लिए आपको घंटों जिम में भारी वजन उठाने की जरूरत नहीं है। दिनभर में मात्र 30 से 45 मिनट की शारीरिक गतिविधि आपके शरीर में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकती है। आप इसके लिए अपनी पसंद का कोई भी आसान विकल्प चुन सकते हैं, जैसे कि पैदल चलना, साइकिल चलाना, स्विमिंग या फिर कोई भी ऐसा खेल जिसे खेलने में आपको मजा आता हो।
डॉ. मलिक एक बेहद दिलचस्प और जरूरी बात पर जोर देते हैं। उनके अनुसार, कसरत कितनी इंटेंस है, इससे कहीं ज्यादा जरूरी यह है कि आप उसे नियमित रूप से करते हैं या नहीं। ज्यादातर लोग एक्सरसाइज को सिर्फ ‘वजन कम करने’ का एक जरिया मान लेते हैं।
डॉक्टर की सलाह है कि इस नजरिए को पूरी तरह से बदलने की जरूरत है। एक्सरसाइज को केवल वजन घटाने तक सीमित न रखें, बल्कि इसे हार्ट डिजीज जैसी जानलेवा बीमारियों से बचने की ‘दवा’ के रूप में अपनाएं।
